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काली खांसी के लक्षण व कारण | kali khansi ke lakshan in hindi

काली खांसी भी एक प्रकार की बीमारी होती है, लेकिन यह नार्मल खांसी से हानिकारक होती है, और खांसी के लक्ष्मण को पहचानने में लगभग 7 से 10 दिन लग जाते हैं। 

कभी कभी इस से भी अधिक समय लग सकता है। वैसे तो इस खांसी के लक्षण सर्दी जुखाम के समान होते हैं, लेकिन यह खांसी शरीर के लिए बहुत हानिकारक होती है। 

काली खांसी के लक्षण निम्नलिखित है :- | kali khansi ke lakshan in hindi

1. काली खांसी का सबसे मुख्य लक्षण नाक का बहना होता है। जब भी कोई व्यक्ति काली खांसी से ग्रसित होता है, तो सर्वप्रथम उसका नाक बहना शुरू होता है। 

2. काली खांसी से ग्रसित व्यक्ति का नाक भी बंद हो जाता है। काली खांसी का यह भी एक लक्षण काफी ज्यादा देखने को मिलता है, जिसके मरीज को सांस लेने में काफी तकलीफ होती है। 

3. काली खांसी का तीसरा मुख्य लक्षण आंखों का लाल और पीला होना है। जब भी कोई व्यक्ति काली खांसी से ग्रसित होता है, तो उसकी आंखें लाल या पीले हो जाती है। 

4. काली खांसी से ग्रसित मरीज को बुखार आना एक सामान्य बात होता है। इसलिए काली खांसी का उपाय जानने के लिए बुखार भी एक प्रकार का लक्षण है। 

5. काली खांसी से ग्रसित मरीज को पूरे दिन सूखी खांसी आती रहती है। इसलिए काली खांसी को आसानी से पहचाना जा सकता है। 

6. खांसी के साथ-साथ उल्टी आना भी एक प्रकार का काली खांसी का ही लक्षण होता है। 

7. काली खांसी के कारण चेहरे के रंग भी बदल जाते हैं। चेहरे का रंग लाल या पीला हो जाता है। 

8. काली खांसी के दौरान मरीज को अत्यधिक थकान महसूस होती है। 

और पढ़े  खांसी के 10 घरेलू उपाय

काली खांसी के कारण | Causes of whooping cough

वैसे तो काली खांसी की शुरुआत सामने खांसी की तरह ही होती है, लेकिन सामान्य खांसी को समय पर ठीक नहीं करने के कारण यह खासी काली खांसी में बदल जाती है। 


यह खांसी अगर किसी व्यक्ति को हो जाती है, तो उसको बाहर बार खासना पड़ता है। जिससे उसके फेफड़े और श्वसन तंत्र भी कमजोर होता है। 

काली खांसी का मुख्य कारण बोर्डेटेला प्ट्रुसिस नामक बैक्टीरिया है, और जब कोई एक काली खांसी का संक्रमित व्यक्ति खासता या छीकता है, तो छोटे छोटे रोगाणु भरे बूंदे हवा में आ जाती है, और उसके आसपास के कई अन्य व्यक्ति सांस लेते हैं तो उनके शरीर में वह बैक्टीरिया प्रवेश कर लेता है। 

और इस प्रकार से काली खांसी का संक्रमण फैलता है, और काली खांसी से व्यक्ति ग्रस्त होने का कारण भी यही है।

Conclusion

काली खांसी एक बहुत ही भयंकर बीमारी होती है, इसलिए जितना ज्यादा हो सके बचना चाहिए, और अगर आपको सामान्य खासी भी आ रही है। तो उसका सही समय पर उपचार करवा लें, और नियमित रूप से दवाइयों का सेवन भी करें। 

अगर कोई व्यक्ति काली खांसी से ग्रसित हो जाता है, तो उसे जल्द ही अस्पताल पहुंचना चाहिए, और अपने आपको डॉक्टर से दिखाना चाहिए। ताकि डॉक्टर खासी से लड़ने के लिए आपको कोई दवाई या इंजेक्शन दे। 

वर्तमान समय में बारिश के कारण बीमारी काफी तेजी से फैलती है। इसलिए अगर आप किसी पब्लिक प्लेस पर भी खड़े हैं, तो अपने मुंह और नाक को कपड़े या रुमाल से ढक लें क्योंकि इसका संक्रमण खांसने और छीखने से भी फैलता है।


और पढ़े खाँसी के 10 घरेलू उपचार एवं नुस्खे





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