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Showing posts from February, 2021

बारिश के मौसम में सीजनल फ्लू, वायरल या खांसी-जुकाम से कैसे बचें

  बारिश का मौसम अपने साथ कई बीमारियों की सौगात लाता है. इस बदलते मौसम बुखार, खांसी, जुकाम और फ्लू  जैसी बीमारियां ज्यादा होती हैं. बारिश के मौसम में हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है. जिसकी वजह से शरीर किसी भी बीमारी के चपेट में जल्दी आ जाता है. इस मौसम में बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा बीमार पड़ते हैं. लेकिन थोड़ा एहतियात और डाइट में कुछ खास चीजों को शामिल कर लें तो इन बीमारियों से बचा जा सकता है. भारत सरकार की ओर से आयुष  मंत्रालय ने भी कुछ गाइडलान्स जारी की हैं जिनको अमल में लाने से आप साधारण फ्लू या सर्दी खांसी से बच सकते हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कह चुके हैं कि इस मौसम में ऐसी बीमारियां फैलती हैं, जिनके लक्षण कोविड-19 से मिलते-जुलते हैं. इसलिए हमें ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है. आपको  बुखार, खांसी, जुकाम या फ्लू न हो, इसके लिए भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने कुछ आसान घरेलू नुस्खे बताए हैं, जिन्हें अपनाकर आप खुद को और अपने परिवार को फ्लू और कॉमन कोल्ड से बचा सकते हैं. आइये आपको बताते हैं क्या हैं वो घरेलू नुस्खे. क्या है सीजनल फ्लू और उसके ल...

खाँसी के 10 घरेलू उपचार एवं नुस्खे

  खाँसी एक बहुत ही साधारण स्वास्थ्य समस्या है | परंतु यदि सही समय पर इसका इलाज न किया गया तो यह समस्या बड़ी बीमारी जैसे- तपेदिक (Tuberculosis), कैंसर आदि का रूप धारण कर लेती है | खाँसी के कारण (Causes of Cough or Khasi) खाँसी की कई कारण होते हैं | सर्दी के दिनों में अकसर लोगों को खाँसी का शिकार होना पड़ता है | बदलते मौसम की वजह से भी प्रायः सर्दी और खाँसी जकड़ लेता है | कुछ लोगों को धूल की वजह से भी खाँसी आने लगता है | जिसे Dust Allergy भी कहते हैं | खाँसी संक्रामक (communicable) भी होता है | ऐसा देखा जाता है कि परिवार में एक व्यक्ति को यह समस्या होने पर अन्य सदस्यों को भी प्रभावित करता है | ऐसा भी माना जाता है कि आपके नियमित कार्यक्रम (Daily routine) में यदि अनियमितता आ जाए तो उसकी वजह से भी खाँसी पकड़ लेता है | खाँसी या ज़ुकाम में कफ़ सिरप पीने से बहुत नींद आती है | इसलिए इसके लिए घरेलू उपाय हमेशा लाभदायक होते हैं | हमारे रसोईघर में कई ऐसी वस्तुएँ उपलब्ध होती हैं जिनका प्रयोग आयुर्वेद में किया जाता है और ये वस्तुएँ हमें आसानी से मिल जाती है | जरूरत है जानने की कि इनका प्रयोग किस ...

खांसी के 10 घरेलू उपाय | 10 Home Remedies For Cough

  खांसी एक प्रकार की मौसमी बीमारी है, और यह मौसम के साथ हमारे शरीर को ग्रस्त कर देती है।  यह बीमारी हमारे शरीर में फेफड़ों पर सबसे ज्यादा प्रभाव डालती है, और खासी ज्यादातर सर्दी जुखाम के कारण ही होती है। सर्दी जुकाम से राहत मिलते हैं।  खासी से भी राहत मिल जाती है, लेकिन कभी-कभी खासी हमारे शरीर को ज्यादा ग्रस्त कर लेती हैं, और वह खत्म होने का नाम भी नहीं लेती है।  आज हम आपको इस लेख के माध्यम से खांसी से छुटकारा पाने के 10 घरेलू उपाय ( gharelu upay) के बारे में बताएंगे जिनका उपयोग करके आप खांसी से राहत पा सकते हैं।  खांसी के 10 घरेलू उपाय  (khansi ke gharelu upay hindi) 1.  शहद:- आधा चम्मच शहद लें, और उसमें कुछ नींबू का जूस डालें, और एक चुटकी इलायची को भी इसमें डाल दें। इस मिश्रण को दिन में दो से तीन बार अवश्य ले। यह घरेलू नुस्खा खांसी के लिए काफी फायदेमंद है।  2. आंवला :-  आंवला एक प्राकृतिक फल है, और यह खांसी के लिए काफी लाभदायक माना जाता है। आंवले में विटामिन सी होता है।  जो ब्लड सरकुलेशन को बेहतर बनाता है। अपने खाने में आंवले को अवश्य...

घर पर गर्भावस्था (Pregnancy) का परीक्षण कैसे करें

  मां का नाम सुनते ही हमारी दुनिया साकार नजर आती है। ऐसा लगता है मानो हमारी सारी उलझन  एक मां के सामने छोटी हो गई हो। मां बनना एक स्त्री को संपूर्णता की ओर ले जाता है। जब स्त्री गर्भवती होती है, तो उसे खुद का ध्यान रखने की नसीहत दी जाती है। कभी-कभी मन में गर्भावस्था को लेकर कई बार असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो जाती है ऐसे में समझ नहीं आता कि गर्भावस्था है भी या नहीं। प्रकृति के इस अनुपम सौगात से कोई भी स्त्री मरहूम नहीं होना चाहती। ऐसे में स्त्रियां बिना किसी कष्ट के घर में ही अपनी गर्भावस्था का परीक्षण आसानी से कर सकती हैं। घरेलू गर्भावस्था परीक्षण क्या है घरेलू गर्भावस्था परीक्षण में मां बनने के सपने को पूरा होते देखा जा सकता है जिसमें एचसीजी  (Human chorionic gonadotropin) के बारे में जानकारी प्राप्त होती है। इस परीक्षण के माध्यम से गर्भावस्था के समय उत्पन्न हार्मोन का पता लगाया जाता है, जो कि  बढे़ हुए स्तर में होता है। जैसे ही गर्भावस्था शुरू होती है तो शरीर में एचसीजी का उत्पादन शुरू हो जाता है।  घरेलू गर्भावस्था परीक्षण में यूरिन के माध्यम से एक  परीक्...

खांसी के लिए दवा, खांसी के लिए बेस्ट सिरप, खांसी के लिए बेस्ट टैबलेट

  खांसी मनुष्यों में होने वाली एक सामान्य समस्या है इसमें गले में संक्रमण हो जाने के कारण खराश होने लगती है तथा इसी के साथ ही गले में खुजली का भी अनुभव होता है यही खराश कुछ समय बाद खांसी में परिवर्तित हो जाती है। खांसी के प्रकार खांसी दो प्रकार की होती है- सूखी खांसी बलगम वाली खांसी  सूखी खांसी में बलगम, खांसी के साथ नहीं निकलता है जबकि बलगम वाली खांसी में खांसने पर गले से बलगम भी निकलता है। सुखी वाली खांसी के लिए सामान्यतया दवाइयों की आवश्यकता नहीं पड़ती है जबकि बलगम वाली खांसी को ठीक करने के लिए हमें दवाइयों की नियमित आवश्यकता पड़ती है। आइए हम खांसी को ठीक करने के कुछ तरीकों के बारे में जाने- खांसी को ठीक करने के लिए सामान्यतः दो प्रकार के तरीकों का इस्तेमाल किया जाता है  घरेलू उपाय  एलोपैथी (अंग्रेजी दवाइयां) घरेलू उपाय  (  खाँसी के 10 घरेलू उपचार एवं नुस्खे  ) घरेलू उपाय में ज्यादातर घर में दैनिक जीवन में काम आने वाली वस्तुओं का उपयोग करके आयुर्वेदिक तरीके से काढ़ा या मिश्रण तैयार किया जाता है जिसे दिन में दो से तीन बार मरीज को दिया जाता है घरेलू उ...

Pregnancy Week क्या होते है? और कैसे चेक करें

  महिला के प्रेग्नेंट होने के लक्षण का पता लगने पर डॉक्टर द्वारा जांच करवाई जाती है जिसके अंदर डॉक्टर द्वारा बताया जाता है कि प्रेग्नेंट हुए महिला को कितना समय हो गया है या कितना विक हो चुके हैं। इसमें महिला के प्रेगनेंसी के 10 सप्ताह बाद में यह प्रक्रिया शुरू की जाती है। 10 सप्ताह के अंदर बच्चे की आकार और हरकतों को देखते हुए पता लगाया जाता है कि  बच्चे कि वीक  में चल रहा है। Pregnancy week कैसे चेक करें।  | pregnancy test Kaise Hota hai महिला को अपने मां बनने पर खुशी मिलती है। महिलाओं द्वारा अपने प्रेग्नेंट होने से लेकर बच्चे की जन्म तक का समय कुछ सप्ताह द्वारा पता किया जाता है इन सप्ताहों से महिला के प्रेग्नेंट होने से लेकर डिलीवरी होने तक का समय पता लगा लिया जाता है इसमें पता चलता है कि महिला की डिलीवरी कब तक हो सकती है। प्रेग्नेंट के दौरान 40 सप्ताह का प्रेगनेंसी वीक माना जाता है इसमें ऐस्टीमेटेड डेट ऑफ कन्फाइनमेंट का कैलकुलेशन किया जाता है। इसमें 280 दिन का अंतिम आखिरी मासिक धर्म की तारीख जुड़ी होती है। इसमें डॉक्टर द्वारा बता दिया जाता है कि बच्चा किस तारीख के ...

प्रेगनेंसी क्या है और शुरुआती लक्षण क्या है, प्रेगनेंसी कैसे रोक सकते हैं

  महिलाओं को कई बार अपने प्रेग्नेंट होने का पता नहीं चलता है। महिलाएं अपने आने वाले पीरियड के समय पर नहीं होने के कारण कई बार चिंता में पड़ जाती है। हालांकि महिला द्वारा किसी भी तरह का सेक्स नहीं करने पर भी महिलाओं के पीरियड्स में बदलाव हो सकते हैं। यदि किसी महिला या पुरुष पुरा सेक्स करने के बाद महिला को लगता है कि वह प्रेग्नेंट है या हो सकती है तो उसके कुछ शुरुआती लक्षण महिला को दिख जाते हैं। जिससे महिला पता कर सकती है कि वह प्रेग्नेंट है या नहीं।   pregnant hai ki nahin महिला का समय पर पीरियड्स नहीं होना हारमोंस की कमी के कारण भी हो सकता है परंतु यदि महिला के सेक्स करने के बाद पुरुष का स्पर्म महिला की योनि में रह जाता है तो महिला को प्रेग्नेंट होने का डर रहता है इसके लिए हमने नीचे सभी जानकारियां दी है ताकि महिला को पता चल सके कि प्रेग्नेंट किस समय होता है तथा प्रेगनेंसी होने के क्या क्या लक्षण हो सकते हैं। घरेलू तरीकों से जानें प्रेग्नेंट हैं या नहीं प्रेगनेंसी क्या है?  (Pregnancy Kya Hota Hai) प्रेगनेंसी एक प्रक्रिया है जिसमें पुरुष और स्त्री के सेक्स के बाद आदमी के द...