Skip to main content

बारिश के मौसम में सीजनल फ्लू, वायरल या खांसी-जुकाम से कैसे बचें

 


बारिश का मौसम अपने साथ कई बीमारियों की सौगात लाता है. इस बदलते मौसम बुखार, खांसी, जुकाम और फ्लू  जैसी बीमारियां ज्यादा होती हैं. बारिश के मौसम में हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है. जिसकी वजह से शरीर किसी भी बीमारी के चपेट में जल्दी आ जाता है. इस मौसम में बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा बीमार पड़ते हैं. लेकिन थोड़ा एहतियात और डाइट में कुछ खास चीजों को शामिल कर लें तो इन बीमारियों से बचा जा सकता है.

भारत सरकार की ओर से आयुष  मंत्रालय ने भी कुछ गाइडलान्स जारी की हैं जिनको अमल में लाने से आप साधारण फ्लू या सर्दी खांसी से बच सकते हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कह चुके हैं कि इस मौसम में ऐसी बीमारियां फैलती हैं, जिनके लक्षण कोविड-19 से मिलते-जुलते हैं. इसलिए हमें ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है. आपको  बुखार, खांसी, जुकाम या फ्लू न हो, इसके लिए भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने कुछ आसान घरेलू नुस्खे बताए हैं, जिन्हें अपनाकर आप खुद को और अपने परिवार को फ्लू और कॉमन कोल्ड से बचा सकते हैं. आइये आपको बताते हैं क्या हैं वो घरेलू नुस्खे.

क्या है सीजनल फ्लू और उसके लक्षण ?

सामान्य फ्लू और कोविड-19 के लक्षण काफी हद तक एक जैसे हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी इस बात का जिक्र किया है कि कोरोना वायरस के ज्यादातर मरीजों में बेहद सामान्य लक्षण नजर आ रहे हैं. यही वजह है कि कई लोग नॉर्मल सीजनल फ्लू होने की वजह से भी काफी परेशान हो रहे हैं. अस्पतालों में भी ऐसे मरीजों की संख्या काफी बढ़ रही है, लेकिन कोविड-19 के मरीजों की वजह से इन लोगों को सही ट्रीटमेंट नहीं मिल पा रहा. वैसे सामान्य फ्लू 5-6 दिन में ठीक हो जाता है इसलिए बेहतर है कि आप घर पर  ही अपना ट्रीटमेंट लें. यहां हम आपको सामान्य फ्लू के लक्षणों के बारे में बता रहे हैं-
बुखार आना
पूरे शरीर में दर्द होना
मांसपेशियों में खिंचाव महसूस होना
बार-बार खांसी आना
नाक बंद हो जाना
नाक में चुभन या दर्द महसूस होना
सिर में दर्द होना
अगर ये लक्षण आपको महसूस हो रहे हैं तो आपको सीजनल फ्लू भी हो सकता है बेहतर होगा 2-4 दिन इंतजार करें उसके बाद ही कोविड-19 का टेस्ट कराएं.

सीजनल फ्लू  के लिए आयुष मंत्रालय के घरेलू नुस्खे

भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने वायरल बुखार, फ्लू और वायरस से बचने के लिए कुछ घरेलू नुस्खे बताए हैं. ये आपके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए जरूरी है. इसके लिए आपको अपने खानपान में थोड़े बदलाव करना होगा.

हल्दी वाला दूध पिएं

 

सबसे पहले आपको रोज हल्दी वाला दूध पीना है. हल्दी का दूध चूंकि गर्म होता है और हल्दी एंटीबायोटिक का काम करती है इसलिए इसे सर्दियों में ज्यादा पीया जाता है. लेकिन इन दिनों चारों तरफ फैली बीमारियों की वजह से आप रोजाना रात में सोने से पहले एक ग्लास हल्दी वाला दूध जरूर पिएं. इसे बनाना बहुत आसान है आप एक ग्लास गुनगुने दूध में एक चौथाई चम्मच हल्दी मिलाएं और इसे पी लें. अगर आपको इसका स्वाद अच्छा नहीं लग रहा हो तो आप हल्दी डालकर दूध को एक बार उबाल लें. इससे हल्दी की महक खत्म हो जाएगी. इस दूध को पीने से आप सर्दी खांसी और वायरल से बचे रहेंगे.

च्वनप्राश जरूर खाएं


वैसे तो च्वनप्राश भी लोग सर्दियों के मौसम में ही खाते हैं लेकिन बदलते मौसम में आपको च्वनप्राश जरूर खाना चाहिए. आयुर्वेद में च्वनप्राश को एक औषधि माना जाता है जो आपको कई तरह के इनफेक्शन से बचाता है रोज रात को दूध से एक चम्मच च्वनप्राश खाने की कोशिश करें.

जुकाम- खासी के लिए भाप लें


अगर आपको जुकाम खांसी की समस्या हो गई है. तो आपके लिए भाप लेने से बेहतर कोई दूसरा घरेलू उपाय नहीं है.  भाप लेने से बंद नाक खुलती है और सांस नली की सूजन भी कम होती है. आप चाहें तो नॉर्मल पानी की भाप लें या फिर पानी में कुछ बूंदें टी ट्री ऑयल, यूकेलिप्टस ऑयल, लेमनग्रास ऑयल, लौंग का तेल भी डाल सकते हैं.

भाप लेने से आपकी बंद नाक खुल जाएगी और सीने में जकड़न में भी आराम पड़ेगा. अगर आपको खांसी और गले में खराश या दर्द है तो आयुष मंत्रालय के अनुसार आपको दिन में एक बार गर्म पानी में पुदीने की पत्तियां या फिर अजवाइन की पत्तियां डालकर भाप लेनी चाहिए. इसके अलावा लौंग का सेवन करें आप चाहें तो लौंग को पीसकर इसे शहद के साथ मिलाकर दिन में 2-3 बार खा लें. इससे खांसी में काफी आराम मिलेगा. इसके अलावा खांसी जुकाम में तुलसी अदरक की चाय पीने से भी बहुत फायदा मिलता है. आप चाहें तो इस चाय में चीनी की जगह गुड़ का इस्तेमाल भी कर सकते हैं

Popular posts from this blog

क्या सप्लीमेंट आपके इम्यून सिस्टम को बूस्ट करने में मदद कर सकते हैं?

  सर्दियों के महीनों के दौरान, आपने उन उत्पादों के विज्ञापन देखे होंगे जो आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को सर्दी और फ्लू से बचाने में आपकी मदद करने का दावा करते हैं। लेकिन एक बोतल में कुछ हो सकता है, चाहे विटामिन का निर्माण हो या प्रोबायोटिक, वास्तव में स्वस्थ रहने में आपकी मदद करने के लिए आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को संशोधित करता है? हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के माइक्रोबायोलॉजी के प्रोफेसर माइकल स्टारनबैक कहते हैं, “दुर्भाग्य से, वास्तविकता यह है कि उन प्रकार के उत्पाद वास्तव में आपको कोई लाभ नहीं दे रहे हैं।” “वहाँ कोई सबूत नहीं है कि वे बीमारी से लड़ने में मदद करते हैं।” यह समझने के लिए कि आपको प्रतिरक्षा प्रणाली कैसे काम करती है, इसके बारे में थोड़ा जानने की जरूरत है।  प्रतिरक्षा  प्रणाली को बढ़ावा देने का बहुत विचार त्रुटिपूर्ण है। “प्रतिरक्षा प्रणाली बहुत बारीक है,” स्टारनबैक कहते हैं। एक प्रतिरक्षा प्रणाली के बीच एक संतुलन है जो बैक्टीरिया, वायरस और परजीवियों की संक्रमण को कम करने की क्षमता को सीमित करने के लिए प्रभावी है, और एक अतिसक्रिय प्रतिरक्षा प्रणाली है जो एलर्जी, मधुमे...

काली खांसी के लक्षण व कारण | kali khansi ke lakshan in hindi

काली खांसी भी एक प्रकार की बीमारी होती है, लेकिन यह नार्मल खांसी से हानिकारक होती है, और खांसी के लक्ष्मण को पहचानने में लगभग 7 से 10 दिन लग जाते हैं।  कभी कभी इस से भी अधिक समय लग सकता है। वैसे तो इस खांसी के लक्षण सर्दी जुखाम के समान होते हैं, लेकिन यह खांसी शरीर के लिए बहुत हानिकारक होती है।  काली खांसी के लक्षण निम्नलिखित है :- | kali khansi ke lakshan in hindi 1. काली खांसी का सबसे मुख्य लक्षण नाक का बहना होता है। जब भी कोई व्यक्ति काली खांसी से ग्रसित होता है, तो सर्वप्रथम उसका नाक बहना शुरू होता है।  2. काली खांसी से ग्रसित व्यक्ति का नाक भी बंद हो जाता है। काली खांसी का यह भी एक लक्षण काफी ज्यादा देखने को मिलता है, जिसके मरीज को सांस लेने में काफी तकलीफ होती है।  3. काली खांसी का तीसरा मुख्य लक्षण आंखों का लाल और पीला होना है। जब भी कोई व्यक्ति काली खांसी से ग्रसित होता है, तो उसकी आंखें लाल या पीले हो जाती है।  4. काली खांसी से ग्रसित मरीज को बुखार आना एक सामान्य बात होता है। इसलिए काली खांसी का उपाय जानने के लिए बुखार भी एक प्रकार का ...

कोरोना वायरस से लड़ने में अश्वगंधा के फायदे !

  दुनिया के सभी वैज्ञानिक और शोधकर्ता इस वक्त कोरोना वायरस को हराने के लिए वैक्सीन बनाने की दौड़ में शामिल हैं। कोरोना वायरस ने अभी तक दुनियाभर के 54 लाख से ज़्यादा लोगों को संक्रमित किया है। इस वायरस को ख़त्म करने के लिए दवाइयों पर एक्सपेरीमेंट से लेकर ई तरह की थैरेपी का उपयोग किया जा रहा है।   अश्वगंधा ही क्यों? पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली, आयुर्वेद को अब कोरोना वायरस से लड़ने की दवाओं में शामिल किया गया है। आईआईटी दिल्ली और जापान की AIST ने मिलकर एक शौध में पाया कि सबसे शक्तिशाली और व्यापक रूप से आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों में से एक, अश्वगंधा COVID-19 से लड़ने की मज़बूत क्षमता रखती है। अश्वगंधा में हैं एंटी-वायरल गुण शोध में पाया गया है कि अश्वगंधा कोरोना वायरस से लड़ने में महत्वपूर्ण दवा साबित हो सकती है और इसका इस्तेमाल वैक्सीन के विकास में भी किया जा सकता है। अश्वगंधा में, विशेष रूप से, कुछ प्राकृतिक जैव रासायनिक यौगिक शामिल होते हैं, जो अन्य एंटी-कोरोना वायरस दवाओं की तरह ही काम कर सकते हैं। अश्वगंधा कैसे कर सकती है मदद? यह देखा गया कि अश्वगंधा में मौजूद यौगिकों में से ...