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दाद ठीक करने का घरेलू उपाय

 इस बदलती जीवनशैली में हम अपने आसपास कई प्रकार की बीमारियों को देखते हैं। इनमें से कोई बीमारी सामान्य होती है और इनका इलाज भी सामान्य रूप से हो जाता है लेकिन कुछ बीमारी ऐसे भी हैं जिनके बारे में हमें ज्यादा जानकारी नहीं होती और उनके बारे में कई प्रकार की भ्रांतियां भी फैली रहती हैं। उनमें से एक है दाद की बीमारी।

दाद क्या है | daad kya hai

दरअसल दाद एक  प्रकार के संक्रमण के रूप में हमें नजर आता है, जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है। यह हमेशा त्वचा की ऊपरी परत पर दिखाई देता है। शरीर के जिस हिस्से में यह समस्या हो जाती है वहां पर लाल चकत्ते दिखाई देते हैं जहां पर अत्यधिक खुजली महसूस होती है। कभी-कभी तो उसी के कारण संक्रमित जगह पर घाव भी हो सकता है। शुरुआत में इसकी पहचान करना मुश्किल होता है और जब तक पता चलता है तब तक यह फैल चुका होता है ऐसे में बिल्कुल भी लापरवाही ना बरतें।

दाद के मुख्य प्रकार | daad ke mukhya prakar

दाद कई प्रकार के होते हैं और यह शरीर के अलग-अलग भागों में संक्रमण करने का काम करते हैं।

1)  टीनिया बारबाई — यह संक्रमण हमेशा चेहरे पर होता है शुरुआत में इतना छोटा होता है कि आपको सही तरीके से दिखाई भी नहीं देता है। जहां दाढ़ी होती है वहां पर इन्हें देखा गया है, जो धीरे-धीरे खुजली का रूप ले लेते हैं।

2) टीनिया पिडिस —  यह संक्रमण पैरों में होता है। यह उन लोगों में होता है, जो पानी वाले जगहों पर ज्यादा रहते हैं। यह पानी में पाए जाते हैं और इसके लिए यह अधिकतर स्विमिंग पूल, नदी, तालाब में जाने वाले लोगों को होता है।

3) टीनिया कैपेटिस — यह  संक्रमण खोपड़ी में होता है, जो बच्चों में देखा गया है। जब बच्चे स्कूल या कॉलेज में जाते हैं, तो उस समय उन्हें परेशान कर देता है। ऐसे में बहुत ज्यादा खुजली होती है। इसके लिए डॉक्टर के पास जाना भी पड़ सकता है।

4) टीनिया कूसिस  — यह दाद  हड्डियों, जोड़ों में होता है और उस जगह पर चकत्ते बन जाते हैं जिससे त्वचा लाल हो जाती है। यह दाद प्रायः लड़कों में देखा गया है।

दाद होने के मुख्य लक्षण | daad hone ke mukhya lakshan in hindi

शुरुआत में हमें दाद की पहचान नहीं हो पाती ऐसे में दाद को लक्षणों के  माध्यम से पहचान की जा सकती है।

1) संक्रमित भाग में लाल दाने होना।

2) अत्यधिक खुजली होना।

3) बालों का टूटना।

4) खुजली के वजह से फफोले होना।

5) ऊपर की ओर उभार वाले दाग होना।

दाद होने के कारण | daad hone ke Karan

लोगों को इस बारे में पूर्ण जानकारी नहीं है और डरते रहते हैं। आज हम आपको दाद होने के कारण की जानकारी देंगे।

1) दाद हमेशा एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलने से होता है। यदि संक्रमित व्यक्ति, स्वस्थ व्यक्ति के पास जाए तो स्वता दाद स्वस्थ व्यक्ति तक पहुंच जाएगा।

2) कई बार दाद होने की वजह निर्जीव वस्तु से संक्रमण भी होता है। ऐसी वस्तु जिस पर पहले से ही दाद का संक्रमण हो, तो इनसे वह संक्रमण आपके पास आ सकता है।

3)  यदि आपके घर में पल रहे कोई जानवर जैसे कुत्ता, बिल्ली में दाद हो, तो आपको भी हो सकता है क्योंकि पूरे समय घरेलू पशु आस-पास ही होते हैं और इस संक्रमण का मुख्य कारण बनते हैं।

4)  यदि लंबे समय से यदि व्यक्ति किसी संक्रमित जमीन या खेत पर काम करें तो इससे भी संक्रमण मनुष्य तक पहुंच सकता है।

ऐसा नहीं है कि यह सिर्फ इंसान से इंसान मे हीं होता है यह पशु, वस्तू और मिट्टी से भी फैल सकता है।

दाद को ठीक करने के घरेलू उपाय | daad ko thik karne ke Gharelu upay

अगर आप दाद से लगातार परेशान है, तो कुछ घरेलू उपायों से आप स्वस्थ हो सकते हैं।

1)  नारियल का तेल — नारियल के तेल में एंटी फंगल गुण पाए जाते हैं, जो किसी भी संक्रमण को दूर करने का काम करते हैं। अगर आप नारियल के तेल को गर्म कर उसे दाद वाले जगह पर लगाएं तो इससे आपको फायदा होगा और इससे होने वाली खुजली भी नहीं होगी।

2) हल्दी — जैसा कि हम सब जानते हैं कि हल्दी में एंटीबायोटिक गुण होते हैं, जो किसी भी संक्रमण को दूर करने का काम करते हैं। ऐसे में अगर हल्दी का लेप बनाकर लगाया जाए और उसे खुजली की जगह पर लगाया जाए तो निश्चित रूप से इससे फायदा होगा।

3) लेमन ग्रास तेल —   अगर हो सके तो दाद में लेमनग्रास का उपयोग करें जिसे आप किसी भी तेल की तरह लगा कर आराम प्राप्त कर सकते हैं।

4) नींम — नीम में एंटीबायोटिक  गुण है, जो किसी भी खुजली और दाद से राहत पहुंचाते हैं। आप चाहे तो नीम की पत्तियों का लेप बनाकर अपने दाद पर लगाएं इससे आपको जल्द ही राहत मिलेगी।

5) एलोवेरा — यह किसी भी फंगल इंफेक्शन को हमसे दूर रखता है। ऐसे में अगर आप एलोवेरा के गूदे को दाद में लगाएं तो इससे राहत मिलेगी। इसे आप नियमित रूप से लगाएं।

6)  मुलेठी — अगर आप मुलेठी को पीसकर अपने दाद पर लगाएं तो आपके लिए बहुत ही फायदेमंद होगा। मुलेठी में वे सभी गुण हैं, जो आसानी से ऐसे इन्फेक्शन को दूर करने में सहायक होते हैं।

7)  पपीता — यह फल हम सबको खाना बहुत ही अच्छा लगता है पर इसमे कुछ फंगस को दूर रखने के गुण हैं, जो किसी भी दाद की समस्या से हमें दूर रखते हैं। इसके लिए पपीते को 20 मिनट तक दाद वाली जगह पर लगाएं। उसके बाद उसे धो ले ऐसा करने से फायदा होगा और जल्द ही आपको दाद की खुजली से राहत मिलेगी।

गेंदे के फूल भी है फायदेमंद | Gende KE Phool Bhi Hai Faydemand

फूलों को हमेशा खूबसूरती का प्रतीक माना जाता है ऐसे में अगर गेंदे के फूल की बात की जाए तो यह औषधीय रूप से भी कारगर है। इसके लिए यदि गेंदे के फूल को उबालकर पेस्ट बना लिया जाए और उसे दाद वाली जगह पर लगाया जाए तो इससे बड़ा ही फायदा होगा। आप चाहे तो इसका कूटकर पाउडर भी बना सकते हैं। इसे अगर आप रोजाना उपयोग करें तो आपको बहुत ही फायदा होगा और खुजली तथा लाल चकत्ते भी ठीक हो जाएंगे।

दाद में कैसा आहार लेना होगा फायदेमंद | Daad Mein Kaisa Aahar Lena Hoga Faydemand

दाद के होने पर हमारे खानपान का विशेष योगदान है। यदि आप दाद से परेशान हैं, तो आपको खानपान में भी विशेष बदलाव की आवश्यकता होगी।

1) हमेशा अपने आहार में विटामिन का उपयोग करें इससे इम्यून सिस्टम सही रहता है और किसी भी प्रकार की फंगल इंफेक्शन नहीं हो पाता है।

2) अगर ज्यादा से ज्यादा अदरक और लहसुन का उपयोग करें तो भी फायदा होगा। इन दोनों में ही एंटीफंगल गुण है, जो किसी भी ऐसी समस्या से दूर रखते हैं। इससे पाचन शक्ति भी सही रहती है।

3)  दाद से परेशान होने पर आप ऑलिव ऑयल का भी उपयोग कर सकते हैं और खुद को स्वस्थ कर सकते हैं।

4) अगर आप दाद से परेशान हैं, तो जंक फूड से दूर ही रहे।

5)  आप बादाम भी ज्यादा से ज्यादा ले। साथ ही साथ ऐसे खाद्य पदार्थ भी ले, जो विटामिन ई युक्त हो।

6) दाद होने पर बहुत ज्यादा तला हुआ या मसालेदार भोजन नहीं खाना चाहिए।

इस तरह से करें दाद से बचाव

1) जब भी कहीं बाहर से आए तो अपने हाथ अच्छे से धोए।

2) पालतू जानवरों के साथ रहने पर पूरी साफ सफाई रखें बच्चों को उनसे दूर ही रखें।

3) किसी भी जलीय स्थान पर नंगे पैर कभी नहीं जाएं।

4) किसी अन्य व्यक्तियों के सामानों को इस्तेमाल करने से बचें खासतौर से गीले सामानों को।

5)  अपने अंदरूनी वस्त्रों को साफ धोए और रोजाना नहाए।

6) हमेशा ऐसे जूते और सैंडल का इस्तेमाल करें जिनमें से हवा आ जा सके।

7)  हमेशा उचित पोषण वाला आहार लें।

इन उपायों से आप दाद के संक्रमण से बचाव कर सकते हैं।

गर्भावस्था में रखें खास ख्याल

अगर आप गर्भावस्था में हैं और आपको दाद की समस्याएं हैं,तो  ऐसे में खास ख्याल रखना होगा। गर्भावस्था में जिम्मेदारी दोगुनी होती है एक तो खुद की और दूसरे बच्चे की। यह भी देखा गया है कि गर्भावस्था होने पर दाद का असर बच्चे पर नहीं पड़ता है फिर भी खास ध्यान रखने की आवश्यकता है। ऐसे समय में खुद को पूर्ण रूप से स्वच्छ रखें। जो भी चीजें उपयोग की जा रही है उन्हें किसी और  को ना ही दे, तो अच्छा होगा। गर्भावस्था में भी जलन, खुजली हो सकती है ऐसे में घरेलू उपाय किए जा सकते हैं।

वर्षों पुराने दाद को ठीक करने के अचूक टिप्स

 अगर आप बरसों से ही दाद की समस्या से ग्रसित हो तो ऐसे में ये टिप्स आपके काम  आएंगे।

1) देसी घी — अगर वर्षों के प्रयास के बाद भी दाद ठीक ना हो पाया हो, तो ऐसे में देसी घी बहुत ही कारगर होगा। आप इसे दिन में दो से तीन बार लगाएं निश्चित रूप से फायदा होगा और दाग भी ठीक हो जाएंगे।

2) खीरे का रस — खीरे की तासीर ठंडी होती है ऐसे में आप अगर खीरे के रस को दाद पर लगाए तो ठंडक मिलेगी और दाग भी आसानी से चले जाएंगे। हल्के हाथों से खीरे के रस से मसाज करें।

3) अनार के पत्ते — वर्षों पुराने दाद मे अगर  अनार के पत्तों को बारीक पीसकर दाद में लगाया जाए तो इससे बहुत ही फायदा होगा। इससे होने वाली खुजली भी खत्म हो जाएगी।

4) अजवाइन —  ऐसे में अजवाइन भी फायदेमंद है आप इसे पीसकर उसे दिन में दो बार अपने दाद में लगाएं जिससे आपको फायदा होगा।

5) नींबू —  अगर आप नींबू के रस को दाद में लगाए, तो इससे भी आपको फायदा ही मिलेगा।

निष्कर्ष

इस प्रकार से हमने देखा कि दाद जैसी समस्या को भी घरेलू उपायों से ठीक किया जा सकता है। इस बात का ध्यान रखना आवश्यक है कि यह संक्रमण न फैले। इसके लिए खुद के खान-पान और जीवनशैली पर ध्यान देना होगा। ज्यादा चिंता की बात नहीं, सकारात्मक सोच और सही इलाज इस समस्या से आप को दूर कर देगी।


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