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कोरोना वायरस से लड़ने में अश्वगंधा के फायदे !


 

दुनिया के सभी वैज्ञानिक और शोधकर्ता इस वक्त कोरोना वायरस को हराने के लिए वैक्सीन बनाने की दौड़ में शामिल हैं। कोरोना वायरस ने अभी तक दुनियाभर के 54 लाख से ज़्यादा लोगों को संक्रमित किया है। इस वायरस को ख़त्म करने के लिए दवाइयों पर एक्सपेरीमेंट से लेकर ई तरह की थैरेपी का उपयोग किया जा रहा है।  

अश्वगंधा ही क्यों?

पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली, आयुर्वेद को अब कोरोना वायरस से लड़ने की दवाओं में शामिल किया गया है। आईआईटी दिल्ली और जापान की AIST ने मिलकर एक शौध में पाया कि सबसे शक्तिशाली और व्यापक रूप से आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों में से एक, अश्वगंधा COVID-19 से लड़ने की मज़बूत क्षमता रखती है।

अश्वगंधा में हैं एंटी-वायरल गुण

शोध में पाया गया है कि अश्वगंधा कोरोना वायरस से लड़ने में महत्वपूर्ण दवा साबित हो सकती है और इसका इस्तेमाल वैक्सीन के विकास में भी किया जा सकता है। अश्वगंधा में, विशेष रूप से, कुछ प्राकृतिक जैव रासायनिक यौगिक शामिल होते हैं, जो अन्य एंटी-कोरोना वायरस दवाओं की तरह ही काम कर सकते हैं।

अश्वगंधा कैसे कर सकती है मदद?

यह देखा गया कि अश्वगंधा में मौजूद यौगिकों में से एक, विथानोन (वाई-एन) और एक अन्य प्राकृतिक चिकित्सा, न्यूजीलैंड प्रोपोलिस Mpro की संरचना को अवरुद्ध करने और कमज़ोर करने में काफी प्रभावी और उपयोगी है। इसलिए, अगर उचित मात्रा और खुराक में COVID की वैक्सीन के उत्पादन में इसका उपयोग किया जाता है, तो अश्वगंधा इससे निपटने में सहायक साबित हो सकती है और यहां तक ​​कि कोरोना वायरस के प्रसार को भी रोक सकता है।

क्या अश्वगंधा कोरोना वायरस के लिए एंटी-वायरल दवा है?

इसको लेकर अभी भी शोध जारी हैं, हालांकि, हमें ये मालूम है कि अश्वगंधा उपचार के लिए आयुर्वेद में काफी शक्तिशाली और बेहतर मानी जाती है, जिसका उपयोग कई उपयोग और लाभ हैं। ये ज़ुकाम और खांसी को ठीक करने में काफी कारगर साबित होती है।  

इम्यूनिटी के लिए फायदेमंद

रोज़ाना अश्वगंधा खाने से आपकी इम्यूनिटी को बढ़ावा मिलता है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि ज़ुकाम होने पर अश्वगंधा का सेवन बढ़ाने से शरीर को उबरने में मदद मिलती है। साथ ही ये औषधि एक वायरल इंफेक्शन के साथ होने वाले तनाव और थकान से उबरने में भी मदद करती है। अश्वगंधा दिल और शरीर के लिए फायदेमंद मानी जाती है।

तनाव कम करती है

रोज़ाना अश्वगंधा के सेवन से तनाव नियंत्रण में या फिर कम हो सकता है। साथ ही शरीर में कोर्टीसोल का उत्पादन कम करता है और इंफ्लामेंशन भी रोकता है। 


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