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बवासीर का घरेलू उपचार

 रोजमर्रा के जीवन में हमें कोई ना कोई शारीरिक परेशानी घेरे रहती है। कभी-कभी तो हमारी परेशानी दवाइयों से ठीक हो जाती है तो कभी लंबे इलाज का सहारा लेना पड़ता है। इन शारीरिक परेशानियों से मानसिक  अवचेतन,  चिड़चिड़ापन आसानी से देखा जा सकता है। आपने आज तक बहुत सारे ऐसे रोगों के बारे में सुना होगा जो हमें मानसिक परेशानी के साथ साथ शारिरीक परेशानी भी देते हैं। आज हम ऐसे रोगों की बात करेंगे जिन्हे घरेलू उपाय से ही आप ठीक हो सकते हैं और वह रोग है बवासीर का। आप आसानी से बवासीर को अलविदा कह सकते हैं। यहाँ बवासीर के लिए घरेलू उपचार की सूची दी गई है जिससे आप अपने पाइल्स का इलाज कर सकते हैं।

बवासीर क्या है | Bawasir Kya Hai

यह बहुत ही दर्द युक्त रोग है, जो शुरुआत में ही पहचान लिया जाए तो इलाज करने में बेहतरीन होती है। इस रोग में मलाशय या गुदा में कुछ छोटे-छोटे मस्से होने लगते हैं। यह मस्से दर्द युक्त और चुभन युक्त होते हैं। यदि इसका सही इलाज नहीं किया जाए तो यह बड़े होकर मटर या चने के आकार या उससे भी बड़े हो जाते हैं जिनमें दर्द और भी बढ़ जाता है। ऐसी स्थिति में मल विसर्जन करने में बहुत ज्यादा पीड़ा होने लगती है क्योंकि बढ़े हुए मस्से मल विसर्जन में अवरोध उत्पन्न करने लगते हैं।

बवासीर के प्रकार |Bawasir ke prakar

 बवासीर चार प्रकार के होते हैं

1) अंदरूनी बवासीर

यह सामान्य प्रकार का बवासीर है, जो सामान्यतः मलाशय के अंदरूनी भागों में होता है। अगर इस बवासीर  के होने का पता लग जाए तो दवाइयों के माध्यम से भी ठीक किया जा सकता है।

2) बाहरी बवासीर

यह ठीक उसी जगह पर होता है जहां पर मल त्याग का द्वार होता है। शुरुआत में तो इसके बारे में सही पहचान नहीं की जा सकती पर समस्या बढ़ने पर बहुत ही दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

3) खूनी बवासीर

यह बवासीर का सबसे खतरनाक रूप कहा जा सकता है जिसमें मल त्याग के समय रक्तस्राव होने लगता है और बहुत ही पीड़ा होने लगती है। इस बवासीर के होने से व्यक्ति कमजोर होने लगता है और उसे उठने बैठने व दैनिक क्रिया करने में भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

4)  प्रोलेप्सड बवासीर

जब अंदरूनी भाग में सूजन आने लगे और गुदा द्वार के बाहर की ओर निकलने लगे ऐसे में यह बवासीर प्रोलेप्सड बवासीर कहलाता है। इस बवासीर में एक गांठ भी दिखाई देती है, जो बहुत पीड़ादायक हो जाती है।

कैसे होता है बवासीर | Bawasir Kya Hota Hai

बवासीर होने के कई प्रकार के कारण देखे गए हैं। जिनमें व्यायाम न करना, लंबे समय तक खड़े होना, लगातार काम करना, कब्ज की शिकायत बने रहना, मोटापा, नियमित रूप से शौच न होना इसके मुख्य कारण है। समय रहते यदि समस्या का समाधान किया जाए तो बेहतर होता है।

बवासीर का घरेलू उपचार | bawaseer ka gharelu upchar

बवासीर का नाम सुनते ही मन में डर सताने लगता है और लोग परेशान होने लगते हैं। ऐसे में अगर आप घरेलू उपचार अपनाएं तो आपको फायदा हो सकता है

1) एलोवेरा जेल

बवासीर का मुख्य कारण कब्ज  का होना है। ऐसे में अगर आप एलोवेरा का उपयोग खाने में करें तो यह बवासीर को कम करता है। अगर आप एलोवेरा जेल को गुदाद्वार में लगाएं तो इससे भी आपको निश्चित रूप से आराम मिलेगा।

2) सेब का सिरका

बवासीर में रक्त वाहिनी का आकार बढ़ जाता है जिसके कारण भी बहुत दिक्कत होती है। ऐसे में अगर आप सेव के सिरके को पानी में डालकर उसका सेवन करें तो उससे आपको आराम ही मिलेगा।

3) जैतून का तेल

अगर आप जैतून के तेल को अपने दर्द वाले मस्सों में लगाएं तो कुछ ही दिनों में आपको आराम  होने लगेगा।

4) नारियल का तेल

अगर आप बवासीर से कुछ ज्यादा ही परेशान हो गए हो तो नारियल की जटाओं को जला ले। जब वह जलकर राख बन जाए तो उसे ताजे मट्ठे में डालकर पिए तो पेट में ठंडक मिलेगी और बवासीर में भी लाभ होगा।

5) अंजीर

बवासीर में मेवों का खास योगदान है। खासतौर से अंजीर का। अगर आप अंजीर को रोजाना पानी में भिगोकर रखें और सुबह उसको खाली पेट खाएं तो इससे भी बवासीर को खत्म करने में फायदा होगा

6) पपीता

पपीता हमारे लिए बहुत ही गुणकारी है। अगर आप पपीते का सेवन रात के भोजन के रूप में करें तो इससे सुबह आपको कब्ज की शिकायत नहीं रहेगी और धीरे-धीरे कुछ दिनों में बवासीर में भी राहत महसूस होगी।

7) अजवाइन और मट्ठा

अगर आप रोजाना ठंडे-ठंडे मट्ठे में अजवाइन पाउडर और काला नमक डालकर पिए तो निश्चित रूप से आप को राहत मिलेगी।

8) जामुन

बवासीर को ठीक करने में जामुन का भी महत्वपूर्ण योगदान है। अगर आप जामुन की गुठली को धूप में सुखाकर रख लें। जब यह अच्छे से सूख जाए तो उसका पाउडर बना लें। इस पाउडर को रोज गुनगुने पानी के साथ सेवन करने से निश्चित रूप से बवासीर में राहत महसूस होगी। खूनी बवासीर के लिए बहुत ही कारगर उपाय है।

9)  मूली

बवासीर के इलाज है मूली का भी योगदान है। अगर मूली के रस में एक चुटकी नमक डालें और इसका सेवन रोजाना दो बार किया जाए तो इससे भी बहुत ही फायदा होता है। अगर इसमें  ऊपर से  शहद मिलाया जाए तो इससे भी बहुत ही फायदा होता है।

10) हल्दी

हल्दी में ऐसे गुण होते हैं जिससे किसी सूजन या घाव को भरने में आसानी होती है। हल्दी को एलोवेरा, देसी घी के साथ मिलाकर पेस्ट बनाया जाए और उसे गुदाद्वार के आसपास लगाया जाए तो इससे भी आपको बहुत ही जल्द फायदा होगा।

11) गरम पानी

बवासीर का दर्द कभी भी असहनीय हो जाता है। ऐसे में अगर आप गर्म पानी को टब में रखें और उसमें कुछ देर बैठे रहे तो आपको इससे भी फायदा होगा। इससे बवासीर के सूजन में भी राहत महसूस होती है।

गर्भवती महिलाओं को हो सकती है बवासीर की समस्या 

मां बनना भगवान का दिया हुआ तोहफा माना जाता है। इस दौरान कई सारी समस्याएं भी देखी जाती हैं जिनमें से एक समस्या बवासीर की है। ऐसा देखा जाता है कि गर्भवती महिलाओं में बवासीर की शिकायत होती है। ऐसे समय में महिलाओं में हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है, तो कई बार ऐसे में महिलाओं  को आयरन की गोलियां भी दी जाती हैं इस कारण भी बवासीर की समस्या उत्पन्न होती है। ऐसे समय में डाइजेशन सही नहीं रहता और यह भी मुख्य कारण हैं जब बवासीर की समस्या उत्पन्न हो सकती है। ऐसे में गर्भवती महिलाओं को अपना खान-पान सही रखने की सलाह दी जाती है ताकि इस समस्या से बचा जा सके। समानता ऐसा भी होता है कि बच्चे के जन्म के समय स्वतः ही यह समस्या समाप्त हो जाती है।

कैसा आहार ले बवासीर के मरीज | Kaise Ahar Le Bawasir Ke Mareez

अगर आप बवासीर से ग्रसित हैं, तो ऐसे में आपको अपने खान-पान और आहार पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। हम आपको बताएंगे कि बवासीर से बचाव के लिए कैसा आहार लेना उचित होगा।

1) इस रोग से बचाव के लिए आप अनाज के रूप में के रूप में गेंहू, जौ और थोड़ी मात्रा में चावल लेना उचित है।

2) सब्जी के रूप में आप टिंडा, परवल,  लहसुन,  आंवला, पपीता, मूली, गाजर, बींस ले सकते हैं।

3) ज्यादा पानी पिए एवं हल्का खाना खाए।

4) इसके अलावा जीरा, अजवाइन, सौंफ, पुदीना, हींग का ज्यादा से ज्यादा सेवन करें।

गर्भावस्था के दौरान बवासीर का घरेलू इलाज

कैसा आहार ना ले बवासीर के मरीज | Kaise Ahar Na Le Bawasir Ke Mareez

1) अगर आप लगातार बवासीर  से परेशान हैं, तो मैदा, छोले, मटर, चना, उड़द दाल का सेवन नहीं करें।

2)  सब्जियों में आप भिंडी, बैंगन, अरबी, आलू ,शिमला, मिर्च एवं फलों के रूप में कच्चा आम, आडू का उपयोग नहीं करें तो बेहतर है।

3) इसके अलावा बहुत ज्यादा तेल एवं मसाले वाला व्यंजन लेने से बचें।

4) जंक फूड एवं डिब्बाबंद भोजन से दूर ही रहे।

बवासीर के मरीजों के लिए जीवन शैली में बदलाव है अनिवार्य

अगर आप बवासीर में जल्द से जल्द राहत चाहते हैं तो इसके लिए आपको अपने जीवन शैली में बदलाव लाना होगा।

1) ज्यादा से ज्यादा पानी पिए।

2) जंक फूड से दूर रहें।

3) तला हुआ और ज्यादा मिर्च मसाले युक्त भोजन का उपयोग ना करें।

4) नियमित रूप से योग या  व्यायाम करें।

बवासीर के उपचार के लिए घरेलू आसान | Bawasir Ke Upchar Ke Liya Gharelu Upay

कई बार ऐसा होता है कि लाख कोशिश के बाद भी बवासीर में आराम नहीं मिल पाता है। ऐसे में कुछ घरेलू आसन के माध्यम से भी आराम प्राप्त किया जा सकता है।

आप चाहे तो कपालभाति, अनुलोम विलोम ,प्रणव जप, गोमुखासन, मर्कटासन, सर्वांगासन, ब्राह्मणी प्राणायाम के माध्यम से बवासीर से छुटकारा प्राप्त कर सकते हैं। शुरुआत में आपको थोड़ा समय लगेगा पर धीरे-धीरे आपको राहत महसूस होने लगेगी।

बवासीर के लिए आवश्यक नहीं है सर्जरी

लोगों का ऐसा मानना रहता है कि बवासीर के लिए सर्जरी की आखिरी रास्ता है जबकि ऐसा कुछ भी नहीं है। आप अगर बवासीर से परेशान है, तो घरेलू उपायों के माध्यम से भी अपने इस रोगों को ठीक कर सकते हैं। आपको इन उपायों को नियमित रूप से करना होगा तभी आपके लिए फायदेमंद होगा। आप इन उपायों को आजमाएं और फिर से खुद को इस रोग से दूर रखें।

बवासीर के मस्सों को सुखाने के प्रमुख उपाय | Bawasir Ke Masse Ko Sukhane Ki Pramukh Upay

बवासीर के मस्से दर्द वाले होते हैं, जो कभी-कभी यह असहनीय दर्द भी देते हैं। बवासीर के मस्सों को सुखाया जाए तो इससे परेशानी कम हो जाती है।

1) अगर लौकी को पीसकर गुड़ के साथ लेप बनाकर उसे मस्सों में लगाया जाए तो इससे मस्से जल्द ही ठीक हो जाते हैं।

2) नीम के पत्तों को अगर आप  घी में भुने और उसमे कपूर मिला ले। ऐसा रोजाना करने पर बवासीर के मस्सों में फायदा होगा और आपको जल्द ही राहत मिलेगी।

3) अगर आपने घर के आसपास आक का पेड़ हो, तो उसके पत्तों का लेप बनाकर भी मस्सों में लगाना फायदेमंद होता है।

4) इसके अलावा तोरई के रस में हल्दी का लेप बनाकर मस्सों में लगाने तो इससे भी दर्द से छुटकारा मिल सकता है।

5) इसके अलावा आप मस्सों में एलोवेरा जेल को लगाएं तो इससे भी आपको बहुत जल्दी ही फायदा मिलेगा।

सतर्क रहें बवासीर के रोग से

कभी-भी बवासीर रोग को छिपाने की कोशिश ना करें। जब इस रोग की शुरूआत हो तो उसी समय उपायों के माध्यम से बवासीर को बढ़ने से रोका जा सकता है। हमेशा अपने स्वास्थ्य के लिए सचेत रहना चाहिए ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की दिक्कतों का सामना ना करना पड़े। उम्मीद करते हैं हमारे द्वारा सुझाए गए उपाय आपको पसंद आएंगे और आपके लिए फायदेमंद होंगे

Source : बवासीर का घरेलू उपचार


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