Skip to main content

खाँसी के 10 घरेलू उपचार एवं नुस्खे

 


खाँसी एक बहुत ही साधारण स्वास्थ्य समस्या है | परंतु यदि सही समय पर इसका इलाज न किया गया तो यह समस्या बड़ी बीमारी जैसे- तपेदिक (Tuberculosis), कैंसर आदि का रूप धारण कर लेती है |

खाँसी के कारण (Causes of Cough or Khasi)

खाँसी की कई कारण होते हैं | सर्दी के दिनों में अकसर लोगों को खाँसी का शिकार होना पड़ता है | बदलते मौसम की वजह से भी प्रायः सर्दी और खाँसी जकड़ लेता है | कुछ लोगों को धूल की वजह से भी खाँसी आने लगता है | जिसे Dust Allergy भी कहते हैं |

खाँसी संक्रामक (communicable) भी होता है | ऐसा देखा जाता है कि परिवार में एक व्यक्ति को यह समस्या होने पर अन्य सदस्यों को भी प्रभावित करता है | ऐसा भी माना जाता है कि आपके नियमित कार्यक्रम (Daily routine) में यदि अनियमितता आ जाए तो उसकी वजह से भी खाँसी पकड़ लेता है |

खाँसी या ज़ुकाम में कफ़ सिरप पीने से बहुत नींद आती है | इसलिए इसके लिए घरेलू उपाय हमेशा लाभदायक होते हैं | हमारे रसोईघर में कई ऐसी वस्तुएँ उपलब्ध होती हैं जिनका प्रयोग आयुर्वेद में किया जाता है और ये वस्तुएँ हमें आसानी से मिल जाती है | जरूरत है जानने की कि इनका प्रयोग किस तरीके से किया जा सकता है |

कमर दर्द का घरेलू उपाय | kamar dard ke gharelu upay

खाँसी के प्रकार (types of khasi)

खाँसी कई प्रकार के होते हैं जैसे : पित्त वाली खासी(wet cough), सूखी खाँसी(dry cough), बलगम की खाँसी आदि | खाँसी आने पर सीने में दर्द होता है, बहुत अधिक होने पर गले और पेट में भी दर्द होने लगता है | तो आइए इस खाँसी से बचने के कुछ घरेलू उपचार और नुस्खे के बारे में जानते हैं |

खाँसी के 10 घरेलू उपचार एवं नुस्खे – Remedies for Cough in Hindi

1. गुनगुना पानी

खाँसी आने पर गुनगुना पानी पीना चाहिए, यह कफ़ को पिघलाकर बाहर निकालता है | सेंधा नमक को गुनगुने पानी में डालकर कुल्ला (Gargle)
करने से गले के दर्द से छुटकारा दिलाता है |

2. काढ़ा का सेवन

अधिक खाँसी आने पर अदरक,कालीमिर्च,तुलसी पत्ता का काढ़ा बनाकर पिए दिन में दो-तीन बार इसे लेने से खाँसी जल्द अच्छा हो जाता है | तुलसी का पत्ता प्रतिदिन सुबह खाली पेट चबाने से कई रोगों से छुटकारा मिलता है | आयुर्वेद में तुलसी को जीवनदायिनी माना जाता है |

3. काली मिर्च और गुड़ के लड्डू (Black Pepper and jaggery)

काली मिर्च और गुड़ जो हर घर में आसानी से उपलब्ध होता है, इसके छोटे-छोटे लड्डू बना लें और सुबह खाली पेट इसे खाने से बहुत जल्द राहत मिल जाती है |

4. कच्ची हल्दी (Turmeric)

कच्ची हल्दी को पीसकर दूध या गरम पानी के साथ लेने पर खाँसी से राहत मिलती है | हल्दी और आजवाइन को पानी में खौलाकर उसके भाप को लेने से भी बंद नाक खुल जाते है और ज़ुकाम को ठीक करने में सहायक होता है |

5. आजवाइन और लहसुन ( Carom seeds and Garlic)

ये दोनों ही गर्म तासीरवाले हैं इसलिए सर्दी,ज़ुकाम या खाँसी आने पर सरसों तेल में डालकर अच्छी तरह जला ले, फिर उस तेल को छानकर रख लें और बच्चों के सीने पर और हथेली एवं पैरों के तालु में मालिश करें | दो या तीन दिन में ही यह अपना असर दिखाने लगता है और खाँसी-सर्दी से आराम मिलता है |

6. लौंग (clove)

कभी-कभी सूखी खाँसी रात में सोते समय बहुत तकलीफ देता है और लगातार खाँसने की वजह से आप परेशान भी हो जाते हैं | ऐसे में लौंग को अपने मुँह में डालकर चिभाते (chew) रहने से खाँसी कम हो जाती है|

7. मुलेठी (Liquorice)

मुलेठी खाँसी के लिए रामबाण इलाज माना जाता है | प्रतिदिन सुबह खाली पेट मुलेठी को चिभाए या पानी में डालकर अच्छी तरह खौला लें |
कितनी भी पुरानी या जिद्दी खाँसी हो, बहुत जल्द राहत मिल जाती है |

8. दालचीनी (Cinnmon)

दालचीनी का पाउडर बनाकर शहद के साथ लेने से सूखी खाँसी के कारण गले में होने वाली खरास से आराम मिलता है और साथ ही सर्दी भी ठीक हो जाता है |

9. काला जीरा (Black Cumin Seed)

काला जीरा जिसे मँगरैल, कलौंजी आदि नामों से जाना जाता है और हर रसोई में बड़ी आसानी से उपलब्ध रहता है| यह खाँसी-ज़ुकाम के लिए बहुत ही लाभकारी होता है | इसे एक पतले कपड़े में बाँधकर उसे हथेली पर रगड़ कर सूँघने से सर्दी से जल्द छुटकारा मिल जाता है |

10. त्रिकुटा (Mixture of Peepal, Black Pepper and Dry ginger)

सोंठ, पीपल और काली मिर्च का मिश्रण जो त्रिकुटा के नाम से जाना जाता है, शहद या गरम पानी के साथ लेने से खाँसी से राहत दिलाता है|


Popular posts from this blog

बवासीर का घरेलू उपचार

  रोजमर्रा के जीवन में हमें कोई ना कोई शारीरिक परेशानी घेरे रहती है। कभी-कभी तो हमारी परेशानी दवाइयों से ठीक हो जाती है तो कभी लंबे इलाज का सहारा लेना पड़ता है। इन शारीरिक परेशानियों से मानसिक  अवचेतन,  चिड़चिड़ापन आसानी से देखा जा सकता है। आपने आज तक बहुत सारे ऐसे रोगों के बारे में सुना होगा जो हमें मानसिक परेशानी के साथ साथ शारिरीक परेशानी भी देते हैं। आज हम ऐसे रोगों की बात करेंगे जिन्हे घरेलू उपाय से ही आप ठीक हो सकते हैं और वह रोग है बवासीर का। आप आसानी से बवासीर को अलविदा कह सकते हैं। यहाँ बवासीर के लिए घरेलू उपचार की सूची दी गई है जिससे आप अपने पाइल्स का इलाज कर सकते हैं। बवासीर क्या है | Bawasir Kya Hai यह बहुत ही दर्द युक्त रोग है, जो शुरुआत में ही पहचान लिया जाए तो इलाज करने में बेहतरीन होती है। इस रोग में मलाशय या गुदा में कुछ छोटे-छोटे मस्से होने लगते हैं। यह मस्से दर्द युक्त और चुभन युक्त होते हैं। यदि इसका सही इलाज नहीं किया जाए तो यह बड़े होकर मटर या चने के आकार या उससे भी बड़े हो जाते हैं जिनमें दर्द और भी बढ़ जाता है। ऐसी स्थिति में मल विसर्जन करने म...

घर पर बॉडी बनाने के तरीके

  आज के समय में लोग आधुनिकीकरण की ओर बढ़ रहे हैं, जो कहीं ना कहीं सही भी है। हम जितना आधुनिक होंगे उतने ही खुद में भी कुछ बदलाव करने होंगे। आधुनिकीकरण की दौड़ में कोई भी किसी से पीछे नहीं होना चाहता फिर वह बच्चे हो, युवा वर्ग हो, या बुजुर्ग हो। इस आधुनिक युग में खुद को फिट रखने की जद्दोजहद भी देखी जा सकती है। खासकर युवा वर्ग खुद की बॉडी बनाने या स्लिम ट्रिम करने में अपनी सारी मेहनत लगा देते हैं। ऐसा भी माना जाता है कि  जब तक फिट नहीं होंगे तो हम पीछे रह जाएंगे। इसमें हम देखेंगे कि युवाओं में बॉडी बनाने की होड़ बनी है वहीं कहीं ना कहीं बॉलीवुड अभिनेताओं को देखकर भी होती है। बॉडी बनाना है एक नया ट्रेंड बॉडी बनाना एक ट्रेंड के रूप में सामने आया है। ऐसा देखा जाता है कि बॉडी बना लेने से लोगों  का ध्यान आसानी से ध्यान खींचा जा सकता है लेकिन यह पूर्ण रूप से सत्य नहीं है। बॉडी बनाना ही काफी नहीं होता लेकिन यह भी सत्य है कि लगातार बढ़ते इस  ट्रेंड से नए व्यवसाय जैसे जिम ट्रेनर, पर्सनल ट्रेनर की अवसर बढ़ जाते हैं। अगर आप चाहे तो घर पर भी आसानी से बॉडी बनाई जा सकती है जो आपके ल...

दाद ठीक करने का घरेलू उपाय

  इस बदलती जीवनशैली में हम अपने आसपास कई प्रकार की बीमारियों को देखते हैं। इनमें से कोई बीमारी सामान्य होती है और इनका इलाज भी सामान्य रूप से हो जाता है लेकिन कुछ बीमारी ऐसे भी हैं जिनके बारे में हमें ज्यादा जानकारी नहीं होती और उनके बारे में कई प्रकार की भ्रांतियां भी फैली रहती हैं। उनमें से एक है दाद की बीमारी। दाद क्या है | daad kya hai दरअसल दाद एक  प्रकार के संक्रमण के रूप में हमें नजर आता है, जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है। यह हमेशा त्वचा की ऊपरी परत पर दिखाई देता है। शरीर के जिस हिस्से में यह समस्या हो जाती है वहां पर लाल चकत्ते दिखाई देते हैं जहां पर अत्यधिक खुजली महसूस होती है। कभी-कभी तो उसी के कारण संक्रमित जगह पर घाव भी हो सकता है। शुरुआत में इसकी पहचान करना मुश्किल होता है और जब तक पता चलता है तब तक यह फैल चुका होता है ऐसे में बिल्कुल भी लापरवाही ना बरतें। दाद के मुख्य प्रकार | daad ke mukhya prakar दाद कई प्रकार के होते हैं और यह शरीर के अलग-अलग भागों में संक्रमण करने का काम करते हैं। 1)  टीनिया बारबाई  — यह संक्रमण हमेशा चेहरे पर होता ह...