Skip to main content

Health Tips For Good Lifestyle

स्वस्थ बने रहने के लिए इंसान आज सब कुछ करने के लिए तैयार है क्योंकि कोरोना वायरस की महामारी ने लोगों को अपनी सेहत के प्रति सजग रहने के लिए काफी प्रोत्साहित किया है। इसे एक प्रकार का डर भी कह सकते हैं, लेकिन लोगों ने अपनी सेहत का खास ध्यान रखना शुरू किया है। यहां पर सेहतमंद बने रहने के लिए ऐसे ही 12 नियम के बारे में बताया जा रहे हैं जिसे अपनाने के लिए आयुर्वेद और विज्ञान भी कहता है।


NBT

यह ना केवल आपकी दिनचर्या में सुधार लाएंगे बल्कि कई प्रकार की गंभीर बीमारियों से भी आपको बचाए रख सकते हैं। इन 12 नियमों के बारे में आपको नीचे बिंदुवत रूप में बताया जा रहा है। इन्हें ध्यानपूर्वक पढ़िए और अपनी दिनचर्या में शामिल करने के लिए भरपूर प्रयास करिए।


  1. रोज सुबह उठने के बाद आपको सबसे पहले एक से दो गिलास गुनगुना पानी पीना चाहिए। यह शरीर से टॉक्सिक पदार्थ को निकालने और पेट को साफ करने के लिए बहुत जरूरी होता है।
  2. सुबह नाश्ते में कुछ खाने के बाद ही आपको चाय पीनी चाहिए, नहीं तो यह सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है।
  3. कब्ज से पीड़ित लोगों को शाम के समय पपीते का सेवन जरूर करना चाहिए। इसके अलावा फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करके भी कब्ज से राहत पाई जा सकती है।
  4. दांतों की अच्छी देखभाल के लिए रात को सोने से पहले दांत साफ करें और उसके बाद एक गिलास पानी पीकर ही सोएं।



Popular posts from this blog

क्या सप्लीमेंट आपके इम्यून सिस्टम को बूस्ट करने में मदद कर सकते हैं?

  सर्दियों के महीनों के दौरान, आपने उन उत्पादों के विज्ञापन देखे होंगे जो आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को सर्दी और फ्लू से बचाने में आपकी मदद करने का दावा करते हैं। लेकिन एक बोतल में कुछ हो सकता है, चाहे विटामिन का निर्माण हो या प्रोबायोटिक, वास्तव में स्वस्थ रहने में आपकी मदद करने के लिए आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को संशोधित करता है? हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के माइक्रोबायोलॉजी के प्रोफेसर माइकल स्टारनबैक कहते हैं, “दुर्भाग्य से, वास्तविकता यह है कि उन प्रकार के उत्पाद वास्तव में आपको कोई लाभ नहीं दे रहे हैं।” “वहाँ कोई सबूत नहीं है कि वे बीमारी से लड़ने में मदद करते हैं।” यह समझने के लिए कि आपको प्रतिरक्षा प्रणाली कैसे काम करती है, इसके बारे में थोड़ा जानने की जरूरत है।  प्रतिरक्षा  प्रणाली को बढ़ावा देने का बहुत विचार त्रुटिपूर्ण है। “प्रतिरक्षा प्रणाली बहुत बारीक है,” स्टारनबैक कहते हैं। एक प्रतिरक्षा प्रणाली के बीच एक संतुलन है जो बैक्टीरिया, वायरस और परजीवियों की संक्रमण को कम करने की क्षमता को सीमित करने के लिए प्रभावी है, और एक अतिसक्रिय प्रतिरक्षा प्रणाली है जो एलर्जी, मधुमे...

काली खांसी के लक्षण व कारण | kali khansi ke lakshan in hindi

काली खांसी भी एक प्रकार की बीमारी होती है, लेकिन यह नार्मल खांसी से हानिकारक होती है, और खांसी के लक्ष्मण को पहचानने में लगभग 7 से 10 दिन लग जाते हैं।  कभी कभी इस से भी अधिक समय लग सकता है। वैसे तो इस खांसी के लक्षण सर्दी जुखाम के समान होते हैं, लेकिन यह खांसी शरीर के लिए बहुत हानिकारक होती है।  काली खांसी के लक्षण निम्नलिखित है :- | kali khansi ke lakshan in hindi 1. काली खांसी का सबसे मुख्य लक्षण नाक का बहना होता है। जब भी कोई व्यक्ति काली खांसी से ग्रसित होता है, तो सर्वप्रथम उसका नाक बहना शुरू होता है।  2. काली खांसी से ग्रसित व्यक्ति का नाक भी बंद हो जाता है। काली खांसी का यह भी एक लक्षण काफी ज्यादा देखने को मिलता है, जिसके मरीज को सांस लेने में काफी तकलीफ होती है।  3. काली खांसी का तीसरा मुख्य लक्षण आंखों का लाल और पीला होना है। जब भी कोई व्यक्ति काली खांसी से ग्रसित होता है, तो उसकी आंखें लाल या पीले हो जाती है।  4. काली खांसी से ग्रसित मरीज को बुखार आना एक सामान्य बात होता है। इसलिए काली खांसी का उपाय जानने के लिए बुखार भी एक प्रकार का ...

कोरोना वायरस से लड़ने में अश्वगंधा के फायदे !

  दुनिया के सभी वैज्ञानिक और शोधकर्ता इस वक्त कोरोना वायरस को हराने के लिए वैक्सीन बनाने की दौड़ में शामिल हैं। कोरोना वायरस ने अभी तक दुनियाभर के 54 लाख से ज़्यादा लोगों को संक्रमित किया है। इस वायरस को ख़त्म करने के लिए दवाइयों पर एक्सपेरीमेंट से लेकर ई तरह की थैरेपी का उपयोग किया जा रहा है।   अश्वगंधा ही क्यों? पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली, आयुर्वेद को अब कोरोना वायरस से लड़ने की दवाओं में शामिल किया गया है। आईआईटी दिल्ली और जापान की AIST ने मिलकर एक शौध में पाया कि सबसे शक्तिशाली और व्यापक रूप से आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों में से एक, अश्वगंधा COVID-19 से लड़ने की मज़बूत क्षमता रखती है। अश्वगंधा में हैं एंटी-वायरल गुण शोध में पाया गया है कि अश्वगंधा कोरोना वायरस से लड़ने में महत्वपूर्ण दवा साबित हो सकती है और इसका इस्तेमाल वैक्सीन के विकास में भी किया जा सकता है। अश्वगंधा में, विशेष रूप से, कुछ प्राकृतिक जैव रासायनिक यौगिक शामिल होते हैं, जो अन्य एंटी-कोरोना वायरस दवाओं की तरह ही काम कर सकते हैं। अश्वगंधा कैसे कर सकती है मदद? यह देखा गया कि अश्वगंधा में मौजूद यौगिकों में से ...