Skip to main content

चेहरे पर दानों का इलाज

 हम सभी सबसे ज्यादा अहमियत अपने चेहरे को ही देते हैं क्योंकि इससे हमारे व्यक्तित्व का भी पता चलता है। चेहरे को देखकर ही मन के भाव आसानी से समझा जा सकता है। ऐसे में बहुत जरूरी है कि चेहरे का खास ख्याल रखा जाए।

चेहरे को भी कई प्रकार की समस्याएं हो सकती हैं जिनमें चेहरे की रौनक कम हो सकती है। ऐसे में एक मुख्य समस्या चेहरे पर दानों की है। जिसके होने पर परेशानी बढ़ती ही जाती है ऐसे में इसकी संपूर्ण जानकारी होना बहुत ही जरूरी है।

चेहरे पर दाने निकलने का कारण | chehre par dana nikalne ke karan

आपने महसूस किया होगा कि चेहरे पर दाने (chehre par dana) नजर आने लगते हैं और हम इस का कारण खोजते रहते हैं। ऐसे में हम आपके दानों के पर्याप्त कारण बताएंगे जिससे आप समय रहते इलाज कर सकें।

1). जब कभी पेट साफ ना हो या पेट में गंदगी हो ऐसे में इसका कारण चेहरे में दानों के रूप में देखा जा सकता है।

2). प्रदूषण के कारण दानों का पाया जाना संभव हो जाता है, जो कि धूल, मिट्टी से होता है।

3). अगर आपकी त्वचा तैलीय है, तो फिर आसानी से चेहरे पर दाने (chehre par dana)  देखे जा सकते हैं।

4). बहुत ज्यादा मसालेदार, तला खाना खाने से भी दाने बढ़ते नजर आते हैं।

5). लगातार शरीर में पानी की कमी बढ़ जाने से भी चेहरे पर दाने (chehre par dana) आसानी से आ जाते हैं।

6). कभी-कभी किसी दवाई के साइड इफेक्ट भी चेहरे पर दानों (chehre par dano) का कारण बनते हैं।

7). लगातार धूम्रपान करते रहने से भी ऐसा होता है।

8). अपने आसपास साफ-सफाई ना रखने के कारण भी ऐसा होता है।

चेहरे के दानों को हटाने का घरेलू उपाय | chehre ke dano ko hatane ka Gharelu Upay

1). बेसन और दूध

अगर आप बेसन में कच्चा दूध मिलाकर उसका लेप तैयार करें और उसे नहाने से पहले लगाकर छोड़ दे तो आपको बहुत ही फायदा होगा और जल्द ही सारे दाने खत्म हो जांएगे।

2). एलोवेरा जेल

अगर अपने दानों में नियमित रूप से कुछ देर के लिए एलोवेरा जेल का उपयोग किया जाए और उसे ठंडे पानी से धो लिया जाए तो निश्चित रूप से फायदा होगा।

3). पानी

अक्सर ज्यादा पानी पीने की सलाह दी जाती है इससे कई प्रकार की समस्याएं दूर हो जाती है। इसी प्रकार से यदि आपको दानों की समस्या है, तो ज्यादा से ज्यादा पानी पीएं इससे दाने ठीक हो जाएंगे।

4). मुल्तानी मिट्टी

इससे आपकी त्वचा खिली हुई और निखरी लगती है। आप अगर मुल्तानी मिट्टी के साथ चंदन पाउडर, गुलाब जल डालकर दानों में लगाएं तो जल्द ही आपको राहत मिलेगी।

5). कच्चा दूध और नींबू

अगर आप कच्चे दूध में नींबू डालकर चेहरे पर लगाएं इससे चेहरा साफ रहता है और दाने आने की गुंजाइश नहीं रहती है।

6). बेसन और हल्दी

अगर बेसन में थोड़ी हल्दी डालकर मिला लिया जाए और उसे नियमित रूप से चेहरे पर लगाया जाए इससे जल्द ही फायदा मिलता है।

7). बेकिंग सोडा

अगर आपको छोटे-छोटे दानों की समस्या हो, तो बेकिंग सोडा का इस्तेमाल कर सकते हैं। अगर आप एक चम्मच बेकिंग सोडा में चार पांच बूंद पानी मिलाकर पेस्ट बना ले और उसे अपने दानों पर लगाएं तो निश्चित रूप से ही आपको फायदा होगा।

8). मक्के का आटा

अगर दाने पुराने ना हो, तो मक्के के आटे में चोकर मिलाकर स्क्रब की तरह लगाएं और इसे थोड़ी देर में निकाल दें। इसे नियमित रूप से करने से दाने धीरे-धीरे खत्म हो जाते हैं।

9). दही

अगर आप हफ्ते में दो या तीन बार ठंडी दही को अपने दानों पर लगाएं तो निश्चित रूप से आप को फायदा होगा। ऐसे में दही का सेवन करना भी फायदेमंद होगा।

छोटे बच्चों के चेहरे पर दाने | chote baccho ka chehra par dana

युवा वर्ग के लोगों में दानों की समस्या को देखा जाता है लेकिन छोटे बच्चों में भी यह समस्या आम हो गई है जिसमें शिशुओं के बाहरी त्वचा जैसे माथे, गाल, पलकों के पास दाने नजर आते हैं। ऐसा संभवत मां के गर्भ में होने वाली किसी कमी से होता है, जब बच्चों में भी हार्मोन के परिवर्तन देखे गए है। शुरू में तो यह समझ नहीं आता कि यह कैसे हो रहा है लेकिन एक बात याद रखना है कि इस समय भी पूरा ध्यान बच्चे पर ही देना होगा।

बच्चों के दानों को दूर करने के उपाय | baccho ke dano ko dur karne ke upay in hindi

बच्चे बहुत छोटे होते हैं और वे अपनी बात सही से बता भी नहीं पाते हैं। ऐसे में आपको ही अपने बच्चे का पूरा ख्याल रखना होगा ताकि दानों की समस्या बढ़ ना पाए।

1). लोशन से रखे दूर

लोशन का उपयोग बच्चों को पोषण देने में किया जाता है लेकिन कई बार लोशन बच्चों के लिए सही नहीं है। इनमें पाया जाने वाले केमिकल बच्चों को नुकसान पहुंचाते हैं, जिसके परिणाम स्वरुप दानों के रूप में भी हमें दिखाई देता है।

2). चेहरे को साफ रखें

थोड़ी देर में बच्चे के चेहरे को साफ करते रहे। नहाते समय गुनगुने पानी का उपयोग करें। अगर दाने हो गए हो, तो चेहरे में साबुन नहीं लगाएं।

3). दानों को रगड़े नहीं

अगर दाने हो ही गए हो, तो उन्हें रगड़े नहीं और ना ही दबाएं। ऐसा करने पर बच्चे को दर्द होगा और बच्चा आपको बता भी नहीं पाएगा।

4). डॉक्टर से ले सकते हैं सलाह

अगर दाने लगातार बढ़ रहे हो, तो किसी अच्छे डॉक्टर से सलाह भी ली जा सकती है।

पतले होने के घरेलू उपाय 

दाने हो सकते हैं किसी एलर्जी के लक्षण | dane ho sakte hain kaise alarji ke lakshan

कई बार जब अचानक से छोटे छोटे लाल दाने दिखाई दे तो यह एक प्रकार की एलर्जी हो सकती है। ऐसा देखा जाता है कि कुछ लोगों को मसालेदार और तैलीय खाना खाने की आदत होती है उन्हें ऐसा खाना पसंद तो है पर साथ ही साथ में दानों के भी शिकार हो जाते हैं। ऐसे में यह समझने की जरूरत है कि मसालेदार खाने से भी एलर्जी हो सकती है इनसे दूर ही रहें।

इसी प्रकार के खानपान जैसे अंडे, मूंगफली, बैंगन से भी दाने एलर्जी के कारण आ सकते हैं। कई बार त्वचा लाल भी हो जाती है।

किसी कॉस्मेटिक प्रोडक्ट से भी एलर्जी संभव है आपको गौर करना होगा कि चेहरे पर दाने (chehre par dana) किस प्रोडक्ट की वजह से हो रहे हैं?

स्टीम का करें उपयोग

कई बार ऐसा भी होता है कि गर्मी की वजह से चेहरे के रोम छिद्र बंद हो जाते हैं और इसका सीधा असर आपके चेहरे पर होता है दाने के रूप में। ऐसे में अगर आप स्टीम का उपयोग करें तो बहुत ही फायदा होगा इससे रोम छिद्र खुल जाएंगे और अपने आप दाने ठीक भी हो जाएंगे। इसे आप बड़ी ही आसानी से कर सकते हैं और सप्ताह में दो या तीन बार इसे जरूर आजमाएं और एक नया फर्क देखें।

चीनी के स्क्रब से उठाएं फायदा

अगर होने वाले दाने आपको परेशान कर रहे हैं, तो ऐसे में चीनी का स्क्रब आपके लिए बहुत ही फायदेमंद है। इसके लिए चीनी को दरदरी पीस लें उसमें तीन चार बूंद नीबू के रस की डाल दें। उसे होने वाले दाने में स्क्रब करें इससे आपको फायदा होगा। सप्ताह में दो बार इसे आजमा कर किसी भी दाने की समस्या से दूर हो सकते हैं। इस घरेलू उपाय को जरूर आजमा कर देखें।

 पपीता भी है फायदेमंद

पपीता में ऐसे गुण पाए जाते हैं, जो शरीर को पोषण देने में सहयोग करते हैं। इसमें एंटीबैक्टीरियल गुण भी है, जो चेहरे के लिए फायदेमंद है। इसके लिए पके हुए पपीते से दानों के ऊपर हल्के हाथों से मसाज करें तो आपको दानों से छुटकारा मिल सकता है। इससे चेहरे को साफ और चमकीला बनाया जा सकता है।

गर्मियों में रखें खास ख्याल

गर्मियों के मौसम में खुद का ख्याल रखना बहुत ही जरूरी हो जाता है। गर्मियों में तैलीय ग्रंथियां बहुत ज्यादा विकसित हो जाती हैं और त्वचा तैलीय होकर दाने निकल आते हैं। ऐसे मे समय-समय पर त्वचा को धोते रहें। ऐसे किसी भी क्रीम का इस्तेमाल ना करें जिससे त्वचा तैलीय होती हो। क्लींजिंग मिल्क से त्वचा को साफ रखने की कोशिश करें और इस समस्या से दूर रहें।

गर्भावस्था में भी रखें ख्याल

गर्भावस्था के होने पर कई सारे ऐसे लक्षण दिखाई देते हैं, जो हार्मोन के कारण होते हैं। उनमें से एक हैं दानों की समस्या। कुछ महिलाओं में हार्मोन बदलाव का स्तर बढ़ जाने के कारण दाने देखे जा सकते हैं। यह बिल्कुल ही सामान्य क्रिया है और घबराने की कोई जरूरत नहीं है। जैसे जैसे समय बढ़ता है ये दाने खुद ही खत्म हो जाते हैं। ऐसे समय में सही खान-पान ले और अपना ख्याल रखें।

चेहरे के दानों से बचने के सार्थक उपाय

1). सबसे पहले आप तमाम फास्ट फूड और मसालेदार खाना छोड़ ही दें।

2). ऐसे समय में चेहरे में अलग-अलग प्रोडक्ट का इस्तेमाल ना करें इससे परेशानी बढ़ सकती है।

3). ज्यादा से ज्यादा पानी पिए। साथ ही ताजे फलों का सेवन करें। चाहे तो घर में ही जूस निकाला जा सकता है।

4). ज्यादा तनाव लेने से बचें।

5). अपने चेहरे को प्रदूषण से बचाएं। जब भी बाहर जाए तो पूरे चेहरे को ढक कर ही जाएं।

6). पूरी नींद ले। रात में देर तक न जागे और ना ही देर से उठे।

7). अगर दाने आ गए हो, तो उन्हें फोड़ने की कोशिश ना करें। इससे समस्या बढ़ जाएगी और दाग भी रह जाएगा।

8). दानों को बार-बार हाथ न लगाएं इससे वे जल्दी ठीक नहीं हो पाएंगे।

निष्कर्ष

चेहरे में दाने (chehre main dano) होना हर आयु वर्ग के लोगों में देखा जाता है, जो ज्यादा चिंता की बात नहीं है फिर भी लोग इस बारे में ज्यादा सोचते हैं। यह प्रक्रिया ज्यादातर हार्मोन के असंतुलन के कारण होती है, जो समय के साथ ठीक भी हो जाती है।

ऐसे में खुद का ध्यान रखें और किसी को भी हीन भावना से ना देखें। बताए गए घरेलू उपाय आपके लिए गुणकारी होंगे इन्हें जरूर आजमाएं। इन्हें करना आसान है जिनमें से ज्यादातर चीजें उपलब्ध हो जाती हैं।

किसी समस्या से जिंदगी रुक नहीं सकती। हर समस्या का समाधान मिल सकता है। ऐसे में धैर्य रखें और खुश रहे।

Source : http://www.ghareluayurvedicupay.com/chehre-par-dano-ka-ilaj/

Popular posts from this blog

क्या सप्लीमेंट आपके इम्यून सिस्टम को बूस्ट करने में मदद कर सकते हैं?

  सर्दियों के महीनों के दौरान, आपने उन उत्पादों के विज्ञापन देखे होंगे जो आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को सर्दी और फ्लू से बचाने में आपकी मदद करने का दावा करते हैं। लेकिन एक बोतल में कुछ हो सकता है, चाहे विटामिन का निर्माण हो या प्रोबायोटिक, वास्तव में स्वस्थ रहने में आपकी मदद करने के लिए आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को संशोधित करता है? हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के माइक्रोबायोलॉजी के प्रोफेसर माइकल स्टारनबैक कहते हैं, “दुर्भाग्य से, वास्तविकता यह है कि उन प्रकार के उत्पाद वास्तव में आपको कोई लाभ नहीं दे रहे हैं।” “वहाँ कोई सबूत नहीं है कि वे बीमारी से लड़ने में मदद करते हैं।” यह समझने के लिए कि आपको प्रतिरक्षा प्रणाली कैसे काम करती है, इसके बारे में थोड़ा जानने की जरूरत है।  प्रतिरक्षा  प्रणाली को बढ़ावा देने का बहुत विचार त्रुटिपूर्ण है। “प्रतिरक्षा प्रणाली बहुत बारीक है,” स्टारनबैक कहते हैं। एक प्रतिरक्षा प्रणाली के बीच एक संतुलन है जो बैक्टीरिया, वायरस और परजीवियों की संक्रमण को कम करने की क्षमता को सीमित करने के लिए प्रभावी है, और एक अतिसक्रिय प्रतिरक्षा प्रणाली है जो एलर्जी, मधुमे...

काली खांसी के लक्षण व कारण | kali khansi ke lakshan in hindi

काली खांसी भी एक प्रकार की बीमारी होती है, लेकिन यह नार्मल खांसी से हानिकारक होती है, और खांसी के लक्ष्मण को पहचानने में लगभग 7 से 10 दिन लग जाते हैं।  कभी कभी इस से भी अधिक समय लग सकता है। वैसे तो इस खांसी के लक्षण सर्दी जुखाम के समान होते हैं, लेकिन यह खांसी शरीर के लिए बहुत हानिकारक होती है।  काली खांसी के लक्षण निम्नलिखित है :- | kali khansi ke lakshan in hindi 1. काली खांसी का सबसे मुख्य लक्षण नाक का बहना होता है। जब भी कोई व्यक्ति काली खांसी से ग्रसित होता है, तो सर्वप्रथम उसका नाक बहना शुरू होता है।  2. काली खांसी से ग्रसित व्यक्ति का नाक भी बंद हो जाता है। काली खांसी का यह भी एक लक्षण काफी ज्यादा देखने को मिलता है, जिसके मरीज को सांस लेने में काफी तकलीफ होती है।  3. काली खांसी का तीसरा मुख्य लक्षण आंखों का लाल और पीला होना है। जब भी कोई व्यक्ति काली खांसी से ग्रसित होता है, तो उसकी आंखें लाल या पीले हो जाती है।  4. काली खांसी से ग्रसित मरीज को बुखार आना एक सामान्य बात होता है। इसलिए काली खांसी का उपाय जानने के लिए बुखार भी एक प्रकार का ...

कोरोना वायरस से लड़ने में अश्वगंधा के फायदे !

  दुनिया के सभी वैज्ञानिक और शोधकर्ता इस वक्त कोरोना वायरस को हराने के लिए वैक्सीन बनाने की दौड़ में शामिल हैं। कोरोना वायरस ने अभी तक दुनियाभर के 54 लाख से ज़्यादा लोगों को संक्रमित किया है। इस वायरस को ख़त्म करने के लिए दवाइयों पर एक्सपेरीमेंट से लेकर ई तरह की थैरेपी का उपयोग किया जा रहा है।   अश्वगंधा ही क्यों? पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली, आयुर्वेद को अब कोरोना वायरस से लड़ने की दवाओं में शामिल किया गया है। आईआईटी दिल्ली और जापान की AIST ने मिलकर एक शौध में पाया कि सबसे शक्तिशाली और व्यापक रूप से आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों में से एक, अश्वगंधा COVID-19 से लड़ने की मज़बूत क्षमता रखती है। अश्वगंधा में हैं एंटी-वायरल गुण शोध में पाया गया है कि अश्वगंधा कोरोना वायरस से लड़ने में महत्वपूर्ण दवा साबित हो सकती है और इसका इस्तेमाल वैक्सीन के विकास में भी किया जा सकता है। अश्वगंधा में, विशेष रूप से, कुछ प्राकृतिक जैव रासायनिक यौगिक शामिल होते हैं, जो अन्य एंटी-कोरोना वायरस दवाओं की तरह ही काम कर सकते हैं। अश्वगंधा कैसे कर सकती है मदद? यह देखा गया कि अश्वगंधा में मौजूद यौगिकों में से ...