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प्रेगनेंसी में क्या करना चाहिए

 प्रेगनेंसी महिला के जीवन का वह दौर है जिसे प्राप्त करना हर महिला की असीम चाहत होती है। सौभाग्यशाली महिलाओं को यह वरदान भी प्राप्त होता है। सामान्य रूप से देखा जाता है कि इंसान के स्वभाव में परिवर्तन होता रहता है और जब महिला प्रेग्नेंट होती है, तो उनके स्वभाव के कई प्रकार के परिवर्तन देखे जा सकते हैं।

कई बार ऐसा भी होता है कि महिलाएं ऐसे समय में क्या करें  समझ ही नहीं पाती, तो ऐसे में हम आपकी समस्या को सुलझाने का प्रयास करेंगे।

प्रेगनेंसी में क्या करना होगा (Pregnancy Me Kya Karna Chahiye)

जब महिला प्रेग्नेंट होती है, तो लोगों की सलाहे भी शुरू हो जाती है। घर के बड़े बुजुर्ग भी अपनी सलाह और अपना अनुभव बताते नजर आ जाते हैं। ऐसे में मन मे कभी-कभी खींझ और  चिड़चिड़ापन भी हो जाता है। ऐसे में मन में उलझन रखना सही नहीं है आप खुद से ही अपने आप को जांच सकती हैं।

1) सबसे पहले आप प्रेगनेंसी किट की मदद से अपनी प्रेगनेंसी को जांच स्वयं ही करें। जब आपकी घरेलू रूप से जांच पॉजिटिव आए तो डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।

2) अगर आपके मन में किसी प्रकार की उलझन हो, तो डॉक्टर से अपनी उलझन बताकर उसे दूर करें।

3) अपनी जीवनशैली में बदलाव की आवश्यकता हो तो वह भी जरूर करें।

4) आज कल कई प्रकार की बीमारियां देखी जाती हैं जिनके बचाव के लिए वैक्सीन अवश्य रूप से ही लगवाएं।

5) लोगों को अपनी प्रेगनेंसी के बारे में बताने में जल्दबाजी ना ही करें।

6) अगर हो सके तो स्वास्थ्य बीमा करना सही रहेगा जो आगे चलकर आपके लिए फायदेमंद होगा।

7) प्रेगनेंसी के आने पर एक विशेष बजट बनाएं और उसके अनुरूप ही कार्य करें।

8)  प्रेगनेंसी में अपना खास ख्याल रखें।

प्रेगनेंसी टेस्ट कैसे चेक करें

प्रेगनेंसी में आपके काम आएंगी यह खास टिप्स

प्रेगनेंसी में आराम करने की सलाह दी जाती है लेकिन इसके अलावा भी कुछ टिप्स है जो  प्रेगनेंसी में करना फायदेमंद है

1) वजन पर ध्यान रखें |(vajan par dhyan rakhe)

प्रेगनेंसी में वजन का ध्यान रखना भी बहुत ही जरूरी है। इसके लिए आप चिकित्सक से भी परामर्श ले सकती हैं। शरीर का दुबला होना या ना होना भी वजन पर ही निर्भर करता है।

2) अधिक मात्रा में पानी का उपयोग करें

प्रेग्नेंसी के समय ज्यादा पानी का सेवन करें जिनसे बच्चे को सही पोषण मिल सके और शारीरिक विकास भी हो सके।

3) पर्याप्त नींद लें

प्रेगनेंसी में पर्याप्त  नींद ले ताकि बच्चे का मानसिक विकास हो सके और आपको भी आराम मिल सके।

4) खान-पान पर ध्यान दें

हमेशा अपने खान-पान पर विशेष ध्यान देना होगा। उचित मात्रा में प्रोटीन, विटामिन, कार्बोहाइड्रेट देना अनिवार्य माना गया है। सही खान-पान से बच्चे की हर अंग का विकास सही तरह से हो पाता है जो आप के खानपान से ही संभव है।

5) साफ सफाई रखें

हमारे चारों और परिवेश में कई प्रकार के जीवाणु होते हैं, जो शरीर में गंदगी उत्पन्न करते हैं। ऐसे में प्रेग्नेंट होने पर अपने आसपास सफाई रखें ताकि आप किसी भी रोग से दूर रह सके। इस समय आपका स्वास्थ्य बहुत मायने रखता है उस पर पूरा ध्यान दें।

6) व्यायाम करें

आपके प्रेगनेंसी में सब कुछ सही है तो आप थोड़ा व्यायाम कर खुद को फिट कर सकती हैं और बच्चे को भी आपके व्यायाम से फायदा ही होगा।

7) संगीत सुनें

संगीत आत्मा को सुकून देने वाला अहसास होता है। जब भी आपको थकान या दर्द हो तो आप संगीत सुनें इससे आपको एक नया माहौल मिलेगा जो किसी भी बोझिल मन से आप को आजाद करेगा।

8) अच्छी पुस्तकें पढ़ें

प्रेगनेंसी में धार्मिक, रचनात्मक पुस्तके पढ़ना आपके लिए फायदेमंद होगा जो बच्चे के हित में भी कार्य करेगा।

प्रेगनेंसी में क्या नहीं करना चाहिए

1) ज्यादा देर तक खड़े रहना
2) ज्यादा झुकने से बचे

प्रेगनेंसी में क्या नहीं करना चाहिए | pregnancy me kya nahi karna chahiye

अक्सर लोग सलाह देते नजर आते हैं कि प्रेगनेंसी में क्या करें और आपको इस बात पर भी गौर करना होगा कि क्या नहीं  करें

1) ज्यादा देर तक खड़े रहना | jyada der tak khada rehna

प्रेगनेंसी में थोड़ा बहुत काम करने की सलाह दी जाती है पर कोई भी काम बहुत देर तक खडे़ होकर ना करें। थोड़े थोड़े देर में बैठकर काम करते रहे। ज्यादा खड़े रहने से बच्चे को नुकसान हो सकता है।

2) ज्यादा झुकने से बचे | jyada jhukna se bachne

ज्यादा महिलाएं घर के काम दिनभर करती रहती हैं। बहुत सारे काम ऐसे भी होते हैं तो झुक कर करने पड़ते हैं लेकिन अगर आप प्रेग्नेंट है तो आप ज्यादा नहीं झुके तो ही बेहतर होगा।  जो अपने बच्चे की सेहत पर असर डालता है।

3) अल्कोहल से रहे दूर

प्रेगनेंसी में अल्कोहल से दूरी बनाने की सलाह दी जाती है। ऐसी हालत में अल्कोहल लेने से बच्चे की जान को खतरा हो सकता है क्योंकि अल्कोहल बच्चे के लिए जहर की तरह कार्य करता है। कभी-कभी अल्कोहल के कारण बच्चे के शरीर सरचना भी बिगड़ सकती है।

4) तनाव से रहें दूर

यह कहना आसान है कि तनाव से दूर ही रहा जाए पर ऐसा होना मुश्किल है लेकिन कोशिश जरूर की जा सकती है। जितना ज्यादा आप तनाव लेंगे उतना ज्यादा बच्चे की सेहत में गिरावट होगी।

5) मसालेदार भोजन से बचें

ऐसे समय में मसालेदार भोजन बिल्कुल ही ना ले। आपके स्वास्थ्य पर ध्यान रखते हुए पोषण युक्त भोजन ही करें।

6) टाइट कपड़े से करें परहेज

कई महिलाओं को टाइट कपड़े पहनने का शौक होता है लेकिन प्रेगनेंसी हो तो कुछ महीनों के लिए इन्हें अलविदा कहना ही बेहतर होगा। कपड़े बच्चे के विकास में अवरोध पैदा करते हैं।

प्रेगनेंसी क्या है और शुरुआती लक्षण क्या है, प्रेगनेंसी कैसे रोक सकते हैं

प्रेगनेंसी में हंसना है अनिवार्य | pregnancy mein hasna bhi jaruri hai

अगर आप प्रेग्नेंट है, तो ऐसे में आपको हमेशा हंसते और खुश रहने की सलाह दी जाती है जो सही भी है। जब भी प्रेगनेंसी में हंसा जाता है तो सारे अंग सक्रिय होकर बच्चे की प्रगति में सहायक हो जाते हैं। जब प्रेग्नेंट महिला हंसती है, तो सारी पॉजिटिव एनर्जी सीधे  बच्चे पर असर डालती है। ऐसे में डॉक्टर भी हमेशा हंसने और खुश रहने की सलाह देते हैं।

अपने बेडरूम में हंसते हुए बच्चे की तस्वीर लगाएं

अगर प्रेग्नेंट होने पर महिलाएं अपने बेडरूम में हंसते हुए बच्चे की फोटो लगाई जाती है तो इससे  ऊर्जा मिलती है। ऐसी सकारात्मकता वाली फोटो लगाने से प्रेग्नेंट महिला को भी फायदा होता है और सक्रिय ऊर्जा का विस्तार होता है। ऐसी तस्वीरें लगाने और उसे रोजाना देखने से भी मन प्रसन्न रहता है और दिन अच्छा बीतता है।

प्रेगनेंसी में करें इन घरेलू कामों को भी | pregnancy me kare in gharelu kam ko bhi karen

प्रेगनेंसी में आराम करना जरूरी है लेकिन इनके साथ ही साथ कुछ घरेलू काम करके भी आप खुद को स्वस्थ रख सकती हैं।

1) आजकल झाड़ू और पोछा की प्राचीन पद्धति खत्म हो चुकी है और आधुनिक रूप से खड़े होकर भी आप इन कार्यों को कर सकती हैं। जिसमें आप आराम से खड़े होकर भी कर सकती हैं और थोड़ा आप का  व्यायाम भी हो जाएगा।

2) इसके अलावा आप बैठ कर भी सब्जियां काटने का काम कर सकती है, जो आपको नुकसान नहीं पहुंचाएगा।

3) आप खड़े होकर भी कुछ बर्तनों को धोने का काम आसानी से कर सकती हैं ज्यादा थकान होने पर बैठ जाएं।

4) थोड़ा बहुत आप पेड़ पौधों को भी पानी देने का काम कर सकती हैं, जो आपको ही प्रकार की आत्म संतुष्टि भी देगा।

5) किचन में खाना बनाने का भी काम किया जा सकता है, जो आपके लिए आवश्यक और आसान भी होता है। कोशिश करें कि ज्यादा देर तक खड़े होना ना पड़े।

6) घर में पालतू जानवरों से दूर रहे। उनके बालों में पाए जाने वाले जीवाणु आपके अंदर प्रवेश कर जाने की स्थिति में आपको नुकसान होगा।

प्रेगनेंसी में स्नान है अनिवार्य | pregnancy me snan karna chahiye

स्नान एक बहुत ही सजग प्रक्रिया है जिसके माध्यम से हम खुद में ताजगी ला सकते हैं और थकान को दूर भी कर सकते हैं। अगर प्रेगनेंसी में ठंडे पानी से स्नान किया जाए तो यह फायदेमंद है लेकिन अगर आप गर्म पानी या गुनगुने पानी से स्नान करें ,तो आपको नुकसान होगा। डॉक्टरों के अनुसार प्रेगनेंसी में  स्टीम बाथ भी नहीं लेना चाहिए क्योंकि इससे शरीर का तापमान बढ़ सकता है और कमजोरी, थकान भी आ सकती है। जैसे जैसे दिन बढ़ते जाते हैं वैसे वैसे कुछ परेशानी हो सकती है इस बात का ख्याल रखें और सुरक्षित तरीके से ही स्नान करें।

परिवार वालों का सहयोग है जरूरी

जब एक महिला प्रेग्नेंट होती है, तो ऐसे में उसे सभी घरवालों का सहयोग की आवश्यकता होती है। बच्चा सिर्फ उस महिला का नहीं बल्कि पूरे घर का ही है। ऐसे में घर वालों से सहयोग की उम्मीद करना गलत नहीं है। घर वालों के सहयोग से प्रेगनेंसी का समय भी आसानी से कट जाता है ऐसे में महिला के खान-पान रहन-सहन का पूरा ध्यान रखना अनिवार्य है। महिला भी अपने दर्द के समय में परिवार की ओर ही देखती हैं ऐसे में अपना समय और सहयोग दें।

अगर आप पति हैं, तो पत्नी को खुश रखें और उनकी हर इच्छा को जानने की कोशिश करें।

डॉक्टर की सलाह होगी फायदेमंद

प्रेगनेंसी समय में मन में बेचैनी और डर भी रहता है। पहली बार मां बनने पर मन में उलझन भी बनी रहती है। कुछ भी समझ में नहीं आता है कई बार तो बात करने वाला भी कोई नहीं होता। ऐसे में आप डॉक्टर से जाकर सलाह ले सकती हैं। अपने मन में चल रहे मनोभावों को भी आप बता सकती हैं। डॉक्टर आपकी हर संभव मदद करेंगी और आपकी उहापोह को खत्म करने का प्रयास करेंगे। अतः किसी भी प्रकार की शर्म और शंका से दूर हटकर डॉक्टर से बात कर समस्या का समाधान करें।

निष्कर्ष

प्रेगनेंसी जीवन का खूबसूरत दौर है, जब आपको खुश रहने की आवश्यकता है। इस लेख में हमने आपको बताने की कोशिश की है कि आपको प्रेग्नेंसी के समय में क्या करना सही होगा। ऐसे समय में खुश रह कर अपने आप को आगे बढ़ाना होगा तभी बच्चे का सही विकास हो पाएगा। मां के सकारात्मक सोच से ही बच्चा भी सकारात्मक रूप से जन्म लेगा। अतः स्वस्थ रहे, खुश रहे और प्रकृति के इस अनुपम सौगात का खुशी-खुशी दुनिया में स्वागत करें।

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