आज के आधुनिक युग में जहां लोग नित नए नए आयाम प्राप्त कर रहे हैं। पिछले कुछ दशकों में लोगों का रहन-सहन, खान-पान, जीवन शैली में बदलाव देखा जा रहा है तो वहीं लोगों में मानसिक और शारीरिक विकृति भी देखी गई है। शारीरिक समस्याओं की बात की जाए तो बहुत सी ऐसी परेशानियां हैं, जो हमारे दैनिक क्रियाकलापों में बाधा उत्पन्न करती है। उनमें से एक समस्या एसिडिटी की है जिसकी वजह से ही स्वास्थ्य में गिरावट देखा जा सकता है। एसिडिटी के घरेलू उपाय को समझने से पहले, इस समस्या के पीछे के कारणों को जानना आवश्यक है।
क्या है एसिडिटी | acidity kya hai
एसिडिटी एक पाचन संबंधी समस्या है, जो कि पेट से संबंधित विकार के रूप में जाना जाता है। जिसमें खाने की नली में एक जलन होने लगती है। यह प्रक्रिया तब होती है, जब पेट का संपूर्ण एसिड खाने की नली में आ जाता है। इस एसिड की वजह से बार बार पेट व सीने में जलन होने लगती है। यह समस्या अनुवांशिक भी हो सकती है। इस समस्या की वजह बदलती जीवन शैली को माना जाता है।
एसिडिटी के लक्षण | acidity ke lakshan kya hai
एसिडिटी की समस्या सामान्य होती जा रही है। इसके लक्षण जैसे छाती में दर्द, जलन, पेट में जलन, खट्टी डकार आना, जी मिचलाना, मुंह का स्वाद सही नहीं होना, लेटने पर दर्द व जलन का बढ़ जाना मुख्य है, जो बहुत ही पीड़ादायक होता है।
एसिडिटी के घरेलू उपाय |acidity ke gharelu upay in hindi
आज के आधुनिक जीवन शैली के मद्देनजर एसिडिटी की समस्या बहुत ही आम हो गई है। कई बार यह समस्या बहुत ज्यादा बढ़ जाती है। इस समस्या से निपटने के लिए कुछ घरेलू उपाय अपना कर आप स्वस्थ रह सकते हैं।
- 1) एसिडिटी की समस्या को दूर करने के लिए रोजाना आधा चम्मच बेकिंग सोडा में नींबू का रस मिलाकर पीना फायदेमंद होता है। इस उपाय को रोजाना करने से एसिडिटी को दूर किया जा सकता है।
- 2) अगर आप रोजाना खाली पेट गर्म पानी में हींग डालकर पीते हैं, तो इससे भी एसिडिटी में फर्क पड़ता है।
- 3) एसिडिटी से राहत के लिए एक अचूक उपाय मेथी दाना और गुड़ का भी है। जिसमें आप मेथी दाना और गुड़ को उबालकर पीए, तो इससे भी एसिडिटी में फायदा होगा।
- 4) एसिडिटी की समस्या ज्यादा होने पर आप इलायची का सेवन कर सकते हैं। जब भी आपको छाती और पेट में जलन की समस्या होने लगे तो इलायची चूसने से आपको फायदा हो सकता है।
- 5) पुदीना से हमारे शरीर को शीतलता मिलती है। अगर आपको जलन एसिडिटी की समस्या होने लगे,तो पुदीने को पीसकर उसमें काला नमक मिलाकर सेवन कर सकते हैं।
- 6) ठंडा दूध को हमेशा से ही एसिडिटी कम करने में सहायक माना जाता है। इसलिए जब भी आपको एसिडिटी लगे तो फ्रिज से निकालकर ठंडा दूध पिए इससे आपको फर्क पड़ेगा।
- 7) आंवले को पाचक के रूप में देखा जाता है। एसिडिटी होने पर आंवले को या आंवले को काले नमक के साथ सेवन करने पर लाभ प्राप्त होता है।
- 8) सौंफ की तासीर ठंडी होती है।जब भी आपको एसिडिटी होने लगे, तो आप सौफ खा सकते हैं। इससे पेट व छाती की जलन कम होने लगती है और चाहे तो सौंफ का शरबत बनाकर किया जा सकता है।
- 9) लॉन्ग भी हमारे पाचन को सही करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। नियमित लाॅन्ग को चबाते रहने से आपको एसिडिटी से राहत मिलेगी और पाचन भी बिल्कुल सही हो जाएगा।
- 10) अगर आप अदरक के रस में थोड़ा-सा सेंधा नमक और जीरा पाउडर डालकर पिए तो इससे भी आपकी एसिडिटी की समस्या खत्म हो सकती है।
- 11) एसिडिटी में गन्ने का रस भी फायदेमंद होता है। अगर उपलब्ध हो सके तो गन्ने के रस में थोड़ा नींबू का रस और सेंधा नमक डालने से भी आपको फायदा होगा और एसिडिटी की समस्या खत्म नजर आएगी।
- 12) अगर आप जीरे को रात में भीगा कर रखें और सुबह खाली पेट उसके पानी को पीए, तो इससे भी आपको फायदा होगा और एसिडिटी की समस्या खत्म हो जाएगी।
एसिडिटी होने पर कैसी होनी चाहिए जीवन शैली
एसिडिटी के होने पर हमेशा अपने खानपान का विशेष ध्यान रखना चाहिए। इस समस्या से निपटने के लिए अपनी जीवनशैली में विशेष बदलाव करना होगा जिससे जल्द से जल्द राहत मिल सके।
1) समय पर खाना नाश्ता लेना चाहिए ज्यादा देर तक भूखे रहना सही नहीं होता है।
2) हमेशा पर्याप्त नीद लेना चाहिए। कम से कम 7 घंटे की नींद अनिवार्य माना गया है।
3) किसी अन्य समस्या के होने पर दवाइयां अपने मन से ही ना ले। ज्यादा दवाइयां लेने से किडनी में प्रभाव पड़ता है।
4) एसिडिटी के होने पर धूम्रपान और अल्कोहल से दूर ही रहना चाहिए।
5) अत्यधिक मात्रा में भोजन का उपयोग ना करें। ज्यादा मसालेदार और तेलीय खाने से बचें।
6) रात में ज्यादा देर तक जागना भी सही नहीं माना जाता है।
7) अत्यधिक तनाव लेने से बचें ज्यादा तनाव से एसिडिटी बढ़ जाती है।
8) रात में खाना खाने के बाद कम से कम आधा घंटा टहले।
9) थोड़ा समय निकालकर योग का अभ्यास जरूर करें इससे एसिडिटी खत्म करना आसान होता है।
10) अत्यधिक मात्रा में चाय व कॉफी के सेवन से बचें।
11) अत्यधिक मात्रा में नमक का उपयोग करने से भी बचें।
एसिडिटी को खत्म करने के लिए कुछ प्रमुख आसन
अगर आप ऐसिडिटी को जल्द ही खत्म करना चाहे तो योगासन के माध्यम से भी जल्द ही खत्म किया जा सकता है। मुख्य रूप से आपको कपालभाति, अनुलोम-विलोम, भ्रामरी प्राणायाम, गोमुखासन ,कंधरासन, सर्वांगासन, पवनमुक्तासन, पश्चिमोत्तानासन के माध्यम से भी अपनी समस्या को खत्म किया जा सकता है। कम से कम इन आसन को शुरुआत में 10:15 मिनट करें और बाद में समय सीमा बढ़ाई भी जा सकती है।
एसिडिटी में कैसा आहार है फायदेमंद | acidity main kaise ahara hain faydemand
एसिडिटी में अपने खान-पान पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होती है। इन आहारों के माध्यम से भी जल्द से जल्द इस समस्या से छुटकारा मिल सकता है।
1) अनाज के रूप में ब्राउन ब्रेड, समुद्री नमक, रोटी का ज्यादा से ज्यादा उपयोग करें।
2) फल एवं सब्जियों में केला, तरबूज, पपीता, अंजीर, सेब आवश्यक रूप से ले जो एसिडिटी में होने वाली जलन से भी छुटकारा देते हैं। सब्जियों में हरी पत्तेदार सब्जियां, बींस, फूलगोभी, लौकी, कद्दू का उपयोग ज्यादा से ज्यादा करें साथ ही साथ जड़ वाली सब्जियां लेना भी फायदेमंद है।
3) मसाले के रूप में अजवाइन, हींग, सौंफ, जीरा, धनिया का उपयोग भी किया जा सकता है।
4) अगर आप नॉनवेज खाना पसंद करते हैं तो बेक किया हुआ चिकन, मटन या फिर अंडे का सफेद भाग भी खाया जा सकता है।
एसिडिटी में समुद्री नमक का उपयोग अवश्य ही करें | acidity main samundar ka namak ka upyog avashyak hai
ऐसा माना जाता है कि समुद्री नमक सामान्य नमक की अपेक्षा अधिक गुणकारी होता है। अगर आप समुद्री नमक का उपयोग सलाद, सूप के रूप में ही करें तब भी एसिडिटी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है समुद्री नमक में क्षार अधिक मात्रा में है, जो एसिडिटी के मरीजों को लाभ पहुंचाते हैं।
एसिडिटी में कैसा आहार ना लें | acidity main kaise ahara naa le
कुछ ऐसे आहार भी होते हैं जिनको एसिडिटी के मरीजों के लिए अच्छा नहीं माना जाता है। एसिडिटी की समस्या होने पर कभी भी अतिरिक्त तेल, मसाले वाला भोजन नहीं लेना चाहिए। इसके अलावा मैदा से बने आहार की ज्यादा मात्रा में नहीं लेना चाहिए। बहुत ज्यादा खट्टे फलों का सेवन से बचना चाहिए। किसी भी प्रकार की मिर्च का सेवन न हीं करें तो बेहतर है। बहुत ज्यादा सोडा या चॉकलेट खाने से बचें। डेयरी प्रोडक्ट लेने से बचें क्योंकि उनमें अतिरिक्त मात्रा में वसा होती है, जो एसिडिटी को बढ़ाने में सहायक होता है। मरीजों को बहुत ज्यादा मात्रा में दही, छाछ लेने से भी बचना होगा।
बुजुर्गों का खास ध्यान रखें एसिडिटी में
कई बार ऐसा होता है कि बुजुर्गों में एसिडिटी की समस्या ज्यादा होती है। ऐसे समय में बुजुर्गों का खास ध्यान रखने की आवश्यकता होती है। कई बार बुजुर्ग हमारी बात नहीं समझते हैं, उन्हें प्यार से समझाना चाहिए। उन्हें समय पर खाना, नाश्ता दे और किसी प्रकार के मसालेदार खाने से दूर ही रखें। समय पर खाना और नींद से ही उन्हें एसिडिटी की समस्या से दूर रखा जा सकता है।
एसिडिटी है हानिकारक
एसिडिटी हम सभी के लिए हानिकारक है जिसमें पीड़ा भी होती है। एसिडिटी ज्यादा हो जाने से गैस की समस्या भी बढ़ने लगती है जिससे शरीर के हर अंग में दिक्कत शुरू हो जाती है। आज की आधुनिक जीवन शैली में समस्या बढ़ती ही जा रही है। ज्यादा समस्या बढ़ जाने पर हृदय संबंधी विकार हो जाते हैं, जो हमारे शरीर पर गलत प्रभाव के रूप में नजर आते हैं। अतः खुद का ध्यान रखें और सही दिनचर्या को अपनाएं।
अंतिम शब्द
आज के दौर में जहां कई बीमारियां हमें घेरे हुए हैं, वहां पर खुद का ध्यान रखना बहुत ही आवश्यक हो जाता है। अगर आप अपने जीवन में संतुलित रहकर जीवन शैली को अपनाए तो ऐसी समस्या हमारे पास नहीं आ पाएंगी, जब भी एसिडिटी की समस्या होती है तो इसका कारण हमारी लापरवाही भी होती है। किसी भी प्रकार की लापरवाही से बचें और अपने परिवार का संपूर्ण रुप से ध्यान रखें ताकि किसी भी समस्या से बचा जा सके।इस समस्या को खत्म करने का घरेलू उपाय आपके काम आएंगे और आपको राहत महसूस होगी।