Skip to main content

प्रेगनेंसी टेस्ट कैसे चेक करें


 

हर महिला की जिंदगी में मां बनने की खुशी का दिन आता है जब उसे पता चलता है कि वह मां बनने वाली है। महिला को यह जब पता चलता है जब महिला प्रेगनेंसी टेस्ट किट से जांच करती है। महिला को इस बात का संदेह तब हो जाता है जब उसके पीरियड्स का समय निकल जाता है और महिला को पीरियड से नहीं आते हैं।

हालांकि इस बात का पक्का परिणाम महिला के प्रेगनेंसी टेस्ट किट द्वारा जांच होने पर ही पता चलता है। डॉक्टर के अनुसार बताया जाता है कि महिला के अंदर एचसीजी हार्मोन होते हैं जो यह तय करते हैं कि महिला मां बनने वाली है या नहीं।

प्रेगनेंसी जांच किट क्या होता है | Pregnancy Test Kit Kya Hota Hai

डॉक्टरों और शीशे क्यों द्वारा एक उपकरण बनाया गया है जोकि इस बात का परिणाम निकालता है कि महिला मां बनने वाली है या नहीं इस किट में 3 हॉल दिए होते हैं जिसमें दोहोल पर लकीरे बनी होती है जो प्रेग्नेंट होने का परिणाम बताती है और एक हॉल होता है जहां पर पेशाब की बूंदे डाली जाती है। इन पेशाब की बूंदों में एचसीजी हारमोंस होते हैं। जैसे ही पेशाब की बूंदे इस पर पड़ती है तो आगे के दोनों हॉल की लकीरे प्रतिक्रिया करना शुरू कर देती है।

प्रेगनेंसी टेस्ट किट का इस्तेमाल करने का समय | Pregnancy Test Kit Ka Istemal Karne Ka Tarika

Pregnancy test kit का इस्तेमाल कब करना चाहिए और किस समय करना चाहिए इस बात का ध्यान महिला को होना चाहिए। चलिए जानते हैं

Pregnancy test kit का इस्तेमाल सुबह-सुबह करना चाहिए क्योंकि इस समय एचसीजी हार्मोन का लेवल शरीर में बढ़ जाता है जिससे किट से जांच करते समय सही प्रणाम मिल जाते हैं।

Pregnancy टेस्ट किट  जांच करते समय सावधानी रखनी चाहिए

प्रेगनेंसी टेस्ट किट से जांच करते समय कुछ मुख्य बातों का ध्यान रखना चाहिए हमने नीचे प्रेगनेंसी टेस्ट किट जांच करते समय सावधानी बताइए चलिए जानते हैं।

  • घर पर प्रेगनेंसी किट से जांच करते समय बहुत बार नेगेटिव रिपोर्ट भी आती है इसलिए महिला को प्रति घंटे या 3 दिन बाद में वापस जांच करनी चाहिए।
  • जब शुरुआती दिनों के अंदर पेशाब में एचसीजी हार्मोन का स्तर थोड़ा कम रहता है जिसके कारण प्रेगनेंसी की सही से पहचान नहीं हो पाती है। अगर प्रेगनेंसी टेस्ट कितने जांच करते समय रिपोर्ट नेगेटिव आती है तो 72 घंटे में दूसरी जांच करें यदि दूसरी जांच भी नेगेटिव आती है तो महिला चिकित्सक को चेक करवाएं याद रखें पीरियड्स के समय पर नहीं आने की वजह दूसरी वजह हो सकती है।
  • प्रेगनेंसी टेस्ट का पॉजिटिव परिणाम निकालने के लिए महिला को सुबह का सबसे पहला पेशाब का नमूना लेना चाहिए।
  • प्रेगनेंसी टेस्ट किट से जांच कभी समय ध्यान रहे की जांच करने से पहले पानी या चाय या कॉफी का सेवन नहीं करें ताकि रिजल्ट का पता सही से लगाया जा सके।
  • जांच से पहले चाय कॉफी का सेवन करने से h c g hormones घट जाते हैं जिससे परिणाम पर असर पड़ता है।
  • टेस्ट से पहले काम आने  वाली सभी वस्तु साफ-सुथरी होनी चाहिए।
  • Pregnancy test kit का इस्तेमाल करने से पहले उसकी एक्सपायरी डेट चेक कर लेनी चाहिए किसको खोलने के बाद में 10 घंटे के भीतर भीतर काम में ले लेना चाहिए।

प्रेगनेंसी क्या है और शुरुआती लक्षण क्या है, प्रेगनेंसी कैसे रोक सकते हैं

प्रेगनेंसी टेस्ट किट से टेस्ट कब करें | Pregnancy Test Kit Se Kab Test Kare

प्रेगनेंसी की जांच पीरियड्स का समय निकलने के एक-दो सप्ताह बाद में की जाती है। यह जांच महिला के पीरियड्स समय पर नहीं आने पर प्रेगनेंसी के संदेह होने पर की जाती है। सेक्स करने के बाद में जब शुक्राणु अंडे के साथ में मिलना शुरू हो जाते हैं तो गर्भाशय में प्रतिक्रिया शुरू हो जाती है जिसके बाद में महिला के शरीर मैं पाए जाने वाले एचसीजी हारमोंस बनना शुरू हो जाते हैं यह हार्मोन निषेचन के लिए के बाद में एक सप्ताह है 2 सप्ताह में महिला के पेशाब में पाया जाते हैं। इसलिए महिला के पीरियड्स का समय यदि निकल जाता है तो महिला को प्रेगनेंसी की जांच कर लेनी चाहिए।

प्रेगनेंसी टेस्ट किट इस्तेमाल करने का सही तरीका | Pregnancy Test Kit Ka Istemal Karne Ka sahi Tarika

Pregnancy test kit का इस्तेमाल करने का तरीका महिला को आना चाहिए अन्यथा परिणाम गलत ही मिलेंगे। प्रेगनेंसी टेस्ट किट से प्रेगनेंसी की जांच करने के लिए सुबह-सुबह का पहला पेशाब का नमूना एक छोटे से बर्तन में लेना होगा फिर उस पेशाब के बंधुओं को प्रेगनेंसी किट पर बने होल  पर डालना होगा। अब आपको 5 मिनट इंतजार करना होगा और देखना होगा कि प्रेगनेंसी किट के ऊपर बनी दोनों पट्टी पर गुलाबी लकीर दिखाएं दे रही है या नहीं। यदि पट्टी पर गुलाबी लकीर दिखाई देते हैं तो आप किस पर दिए गए निर्देश को ध्यान से पढ़ें। भीगे विदेशों से पता लगा सकते हैं कि आप प्रेग्नेंट है या नहीं।

प्रेगनेंसी टेस्ट कैसे चेक करें | Pregnancy Test Kaise Kare

Pregnancy test kit को घर पर इस्तेमाल करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए चलिए जानते हैं

  • सबसे पहले प्रेगनेंसी टेस्ट किट पर लिखी  सभी जानकारियां सावधानी से पढ़ लेना चाहिए।
  • ध्यान रहे अलग-अलग ब्रांड के प्रेगनेंसी टेस्ट किट पर निर्देश अलग-अलग दिए जाते हैं।
  • किसी कंपनी के टेस्ट मैं जांच पट्टी पर दिए गए होल मैं पेशाब की कुछ बूंदें डालने होती है।
  • कुछ समय इंतजार करने के बाद पट्टी पर किए गए दो और छेद मैं प्रतिक्रिया होना शुरू हो जाती है जैसा ब्लॉक का पिंक होना इस बात का संकेत देता है कि महिला प्रेग्नेंट है।
  • अगर महिला डिजिटल किट से प्रेगनेंसी टेस्ट करती है तब उस पर महिला प्रेग्नेंट है और नहीं लिखा हुआ आ जाता है परंतु दूसरे किट में दो धारियां बनी होती है।

प्रेगनेंसी किट जांच के बाद की संकेत क्या क्या है |Pregnancy Test Kit Ke Bad Kya Kya Sanket Hota Hai

Pregnancy test kit मैं जांच करने के बाद कुछ संकेत दिखाई देते हैं जिन का अर्थ कुछ इस प्रकार से है।

  1. Pregnancy test kit पर पेशाब का नमूना डालने के बाद में 1 से 5 मिनट तक इंतजार करना पड़ता है इसके बाद में अगर किट पर एक हल्की या गहरी गुलाबी लाइन नजर आना शुरू हो जाती है तब परिणाम नेगेटिव आते हैं यानी कि महिला प्रेग्नेंट नहीं है।
  2. प्रेगनेंसी किट पर यदि दो हल्की या गहरी धारी नजर आती है तब महिला के प्रेग्नेंट होने के परिणाम पॉजिटिव होते हैं यानी कि महिला प्रेग्नेंट है।
  3. यदि किट पर किसी तरह की लाइन नजर नहीं आती है तो कि खराब हो सकती है यहां कोई अन्य वजह हो सकती है जल्दबाजी में जांच करने से या नमूना लेने में गड़बड़ी हो करने से एचसीजी हार्मोन का लेवल कम होने की वजह से किट खराब हो सकता है और परिणाम गलत निकल सकते हैं।

Popular posts from this blog

दाद ठीक करने का घरेलू उपाय

  इस बदलती जीवनशैली में हम अपने आसपास कई प्रकार की बीमारियों को देखते हैं। इनमें से कोई बीमारी सामान्य होती है और इनका इलाज भी सामान्य रूप से हो जाता है लेकिन कुछ बीमारी ऐसे भी हैं जिनके बारे में हमें ज्यादा जानकारी नहीं होती और उनके बारे में कई प्रकार की भ्रांतियां भी फैली रहती हैं। उनमें से एक है दाद की बीमारी। दाद क्या है | daad kya hai दरअसल दाद एक  प्रकार के संक्रमण के रूप में हमें नजर आता है, जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है। यह हमेशा त्वचा की ऊपरी परत पर दिखाई देता है। शरीर के जिस हिस्से में यह समस्या हो जाती है वहां पर लाल चकत्ते दिखाई देते हैं जहां पर अत्यधिक खुजली महसूस होती है। कभी-कभी तो उसी के कारण संक्रमित जगह पर घाव भी हो सकता है। शुरुआत में इसकी पहचान करना मुश्किल होता है और जब तक पता चलता है तब तक यह फैल चुका होता है ऐसे में बिल्कुल भी लापरवाही ना बरतें। दाद के मुख्य प्रकार | daad ke mukhya prakar दाद कई प्रकार के होते हैं और यह शरीर के अलग-अलग भागों में संक्रमण करने का काम करते हैं। 1)  टीनिया बारबाई  — यह संक्रमण हमेशा चेहरे पर होता ह...

पतले होने के घरेलू उपाय | Patle Hone KE Gharelu Upay

  इस आधुनिक युग में हर इंसान बिल्कुल फिट होना चाहता है फिर चाहे उम्र कोई भी हो। देखा जाए तो कहीं ना कहीं यह सही भी है। आपको युवा वर्ग में एक जुनून नजर आएगा और वह है पतला होने का। खुद को फिट होने में पतला होने को जरूरी माना जाता है। जो लोग मोटे होते हैं या फिर थोड़ा सा भी वजन ज्यादा होता है वह पतले होने के लिए बहुत ही परेशान होते हैं। ऐसे में हम आपकी मदद करेंगे ताकि पतला आसानी से हो सके वह भी आसान और घरेलू उपाय से। पतला होने के घरेलू उपाय | Patle Hone KE Gharelu Upay in Hindi अगर आप अपने बढ़ते वजन से परेशान हैं और पतला होने के इच्छुक हैं, तो आप  घरेलू उपाय  भी अपना सकते हैं यह उपाय आपके लिए कारगर होंगे। फाइबर युक्त भोजन लेना होगा फायदेमंद अगर पतला होना चाहते हैं, तो ऐसे में अपने खाने में फाइबर वाला भोजन लेना बिल्कुल सही विकल्प है। ऐसे भोजन में जल्दी भूख नहीं लगती और इससे पोषण भी प्राप्त हो जाता है। ऐसे में आप ओट्स, कॉर्नफ्लेक्स, सलाद को भी ले सकते हैं। फाइबर शरीर में पोषक तत्वों की कमी को भी पूरा करते हैं अतः ऐसे आहार को जरूर शामिल करें। 2). ज्यादा से ज्यादा फल व पत्तेदार ...

बवासीर का घरेलू उपचार

  रोजमर्रा के जीवन में हमें कोई ना कोई शारीरिक परेशानी घेरे रहती है। कभी-कभी तो हमारी परेशानी दवाइयों से ठीक हो जाती है तो कभी लंबे इलाज का सहारा लेना पड़ता है। इन शारीरिक परेशानियों से मानसिक  अवचेतन,  चिड़चिड़ापन आसानी से देखा जा सकता है। आपने आज तक बहुत सारे ऐसे रोगों के बारे में सुना होगा जो हमें मानसिक परेशानी के साथ साथ शारिरीक परेशानी भी देते हैं। आज हम ऐसे रोगों की बात करेंगे जिन्हे घरेलू उपाय से ही आप ठीक हो सकते हैं और वह रोग है बवासीर का। आप आसानी से बवासीर को अलविदा कह सकते हैं। यहाँ बवासीर के लिए घरेलू उपचार की सूची दी गई है जिससे आप अपने पाइल्स का इलाज कर सकते हैं। बवासीर क्या है | Bawasir Kya Hai यह बहुत ही दर्द युक्त रोग है, जो शुरुआत में ही पहचान लिया जाए तो इलाज करने में बेहतरीन होती है। इस रोग में मलाशय या गुदा में कुछ छोटे-छोटे मस्से होने लगते हैं। यह मस्से दर्द युक्त और चुभन युक्त होते हैं। यदि इसका सही इलाज नहीं किया जाए तो यह बड़े होकर मटर या चने के आकार या उससे भी बड़े हो जाते हैं जिनमें दर्द और भी बढ़ जाता है। ऐसी स्थिति में मल विसर्जन करने म...